17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सेकंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI जाँचें: राजस्थान साइबर पुलिस की अहम सलाह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सेकंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI जाँचें: राजस्थान साइबर पुलिस की अहम सलाह

सारांश

राजस्थान साइबर पुलिस की चेतावनी सीधी है — बिना IMEI जाँचे पुराना मोबाइल खरीदना महंगा पड़ सकता है। सरकार की 'नो योर मोबाइल' सेवा से चोरी, क्लोन या ब्लैकलिस्टेड डिवाइस की पहचान मिनटों में हो सकती है।

मुख्य बातें

राजस्थान साइबर क्राइम शाखा ने 1 जून 2026 को सेकंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI सत्यापन की अनिवार्य सलाह जारी की।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) वीके सिंह के निर्देश पर यह एडवाइज़री जारी हुई।
दूरसंचार विभाग के CEIR पोर्टल पर उपलब्ध 'नो योर मोबाइल' सेवा से डिवाइस की प्रामाणिकता, ब्लैकलिस्ट स्थिति और चोरी की जानकारी मिलती है।
IMEI नंबर जानने के लिए हैंडसेट पर *#06# डायल करें, फिर CEIR पोर्टल पर दर्ज करें।
'ब्लैकलिस्टेड' या 'ब्लॉक' दिखने वाला कोई भी मोबाइल न खरीदें — वह चोरी का या अवैध गतिविधि से जुड़ा हो सकता है।
साइबर धोखाधड़ी की शिकायत नज़दीकी पुलिस स्टेशन , साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग तंत्र पर दर्ज कराई जा सकती है।

राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने 1 जून 2026 को जयपुर से नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की है — सेकंड-हैंड मोबाइल फोन खरीदने से पहले उसकी प्रामाणिकता और कानूनी स्थिति की अनिवार्य रूप से जाँच करें। शाखा ने आगाह किया है कि बिना सत्यापन के इस्तेमाल किए गए उपकरण खरीदने पर वित्तीय नुकसान, कानूनी उलझन और साइबर धोखाधड़ी का गंभीर खतरा हो सकता है।

क्यों जारी हुई यह सलाह

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) वीके सिंह के निर्देश पर जारी इस एडवाइज़री में विभाग ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग उचित सत्यापन के बिना पुराने मोबाइल फोन खरीद लेते हैं। बाद में पता चलता है कि वे उपकरण चोरी के, ब्लैकलिस्टेड या क्लोन किए गए हैं। ऐसे उपकरण न केवल खरीदार को आर्थिक नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि उसे अनजाने में कानूनी जाँच के दायरे में भी ला सकते हैं।

गौरतलब है कि साइबर अपराध के बढ़ते मामलों में चोरी या क्लोन किए गए मोबाइल उपकरणों का उपयोग एक बड़े माध्यम के रूप में सामने आया है। यह सलाह ऐसे समय में आई है जब देशभर में डिजिटल लेनदेन और मोबाइल-आधारित धोखाधड़ी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

'नो योर मोबाइल' सेवा क्या है

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से 'नो योर मोबाइल' (Know Your Mobile) सेवा शुरू की है। यह सेवा किसी भी मोबाइल डिवाइस के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी तुरंत उपलब्ध कराती है।

इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए खरीदार यह जान सकते हैं कि डिवाइस का ब्रांड और मॉडल क्या है, वह असली है या क्लोन, और क्या उसे चोरी, गुम या ब्लॉक किए जाने की सूचना दी गई है।

IMEI सत्यापन कैसे करें

साइबर क्राइम शाखा ने IMEI सत्यापन की सरल प्रक्रिया भी बताई है। सबसे पहले, हैंडसेट पर *#06# डायल करके डिवाइस का IMEI नंबर प्राप्त करें। इसके बाद आधिकारिक CEIR पोर्टल पर जाकर IMEI सत्यापन अनुभाग में यह नंबर दर्ज करें।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सत्यापन के दौरान कोई डिवाइस 'ब्लैकलिस्टेड' या 'ब्लॉक' दिखाई दे, तो उसे किसी भी कीमत पर न खरीदें। ऐसे उपकरण अवैध गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं।

साइबर धोखाधड़ी की शिकायत कहाँ करें

विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर धोखाधड़ी या घोटाले के प्रयास की स्थिति में बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराएँ। पीड़ित व्यक्ति नज़दीकी पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग तंत्र के माध्यम से अपनी शिकायत दे सकते हैं।

अधिकारियों के अनुसार, खरीदारी पूरी करने से पहले 'नो योर मोबाइल' सेवा के ज़रिए IMEI सत्यापन कराना साइबर धोखाधड़ी रोकने और भविष्य की कानूनी-वित्तीय परेशानियों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। यह एक छोटा कदम है जो बड़े नुकसान से बचा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'नो योर मोबाइल' जैसी सरकारी सेवाओं की जागरूकता आम खरीदार तक कितनी पहुँची है — खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाज़ारों में जहाँ सेकंड-हैंड मोबाइल सबसे ज़्यादा बिकते हैं। CEIR पोर्टल की उपयोगिता तभी सार्थक होगी जब डेटाबेस में चोरी की रिपोर्टें समय पर दर्ज हों — एक ऐसी कड़ी जो अभी भी कमज़ोर है। एडवाइज़री जारी करना पर्याप्त नहीं; ज़रूरत है कि सरकार इस सेवा का व्यापक प्रचार करे और मोबाइल डीलरों के लिए IMEI सत्यापन को अनिवार्य बनाने पर विचार करे।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेकंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI कैसे जाँचें?
हैंडसेट पर *#06# डायल करके IMEI नंबर प्राप्त करें, फिर दूरसंचार विभाग के आधिकारिक CEIR पोर्टल पर IMEI सत्यापन अनुभाग में यह नंबर दर्ज करें। यह सेवा निःशुल्क है और तुरंत डिवाइस की स्थिति बताती है।
'नो योर मोबाइल' सेवा क्या जानकारी देती है?
यह सेवा डिवाइस का ब्रांड, मॉडल, प्रामाणिकता (असली या क्लोन), और ब्लैकलिस्ट स्थिति बताती है। इससे यह भी पता चलता है कि डिवाइस को चोरी, गुम या ब्लॉक किए जाने की सूचना दी गई है या नहीं।
ब्लैकलिस्टेड मोबाइल खरीदने पर क्या खतरा है?
ब्लैकलिस्टेड या ब्लॉक डिवाइस चोरी का हो सकता है या अवैध गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है। ऐसा उपकरण खरीदने पर खरीदार को वित्तीय नुकसान, कानूनी जाँच और साइबर धोखाधड़ी का सामना करना पड़ सकता है।
साइबर धोखाधड़ी होने पर शिकायत कहाँ करें?
पीड़ित व्यक्ति नज़दीकी पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग तंत्र के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। राजस्थान पुलिस ने बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
क्या यह सलाह केवल राजस्थान के लिए है?
यह एडवाइज़री राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने जारी की है, लेकिन 'नो योर मोबाइल' सेवा और CEIR पोर्टल पूरे भारत में उपलब्ध हैं। देशभर के मोबाइल खरीदार इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले