सेकंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI जांचें — राजस्थान पुलिस की साइबर सलाह
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने 1 जून 2026 को नागरिकों को सेकंड-हैंड मोबाइल फोन खरीदने से पहले उनकी प्रामाणिकता अनिवार्य रूप से सत्यापित करने की सलाह जारी की है। शाखा ने चेतावनी दी है कि बिना जाँच खरीदे गए उपकरण चोरी के, ब्लैकलिस्टेड या क्लोन किए हुए हो सकते हैं — जिससे खरीदार को वित्तीय नुकसान, कानूनी उलझनें और साइबर धोखाधड़ी का सामना करना पड़ सकता है।
सलाह की पृष्ठभूमि
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) वी.के. सिंह के निर्देशों के तहत यह एडवाइज़री जारी की गई। विभाग ने रेखांकित किया कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता उचित सत्यापन किए बिना इस्तेमाल किए हुए फोन खरीद लेते हैं और बाद में पता चलता है कि वे डिवाइस चोरी की हैं, ब्लैकलिस्ट में हैं या उनके IMEI नंबर क्लोन किए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सेकंड-हैंड स्मार्टफोन बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है और साइबर अपराध के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं।
'नो योर मोबाइल' सेवा क्या है
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से 'नो योर मोबाइल' (Know Your Mobile) सेवा शुरू की है। यह सेवा किसी भी मोबाइल डिवाइस के बारे में निम्नलिखित जानकारी देती है — ब्रांड और मॉडल विवरण, प्रामाणिकता की स्थिति, ब्लैकलिस्ट स्थिति, तथा यह कि डिवाइस असली है या क्लोन की गई है। इसके अलावा यह भी पता चलता है कि उस डिवाइस को चोरी, गुम या ब्लॉक किए जाने की सूचना पहले दी गई है या नहीं।
IMEI सत्यापन कैसे करें
साइबर क्राइम शाखा ने खरीदारों को एक सरल प्रक्रिया बताई है। सबसे पहले हैंडसेट पर *#06# डायल करके डिवाइस का IMEI नंबर प्राप्त करें। इसके बाद आधिकारिक CEIR पोर्टल के IMEI सत्यापन अनुभाग में यह नंबर दर्ज करें। यदि सत्यापन के दौरान डिवाइस 'ब्लैकलिस्टेड' या 'ब्लॉक' दिखे, तो उसे किसी भी कीमत पर न खरीदें — ऐसे उपकरण अवैध गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं।
साइबर अपराध की शिकायत कहाँ करें
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर धोखाधड़ी या घोटाले की कोशिश होने पर बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराएँ। पीड़ित व्यक्ति निकटतम पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग तंत्र के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, खरीदारी से पहले IMEI सत्यापन न केवल साइबर धोखाधड़ी रोकने में सहायक है, बल्कि उपभोक्ता को भविष्य की कानूनी और वित्तीय परेशानियों से भी बचाता है।