तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने 5 साल की बच्ची को बचाया, चचेरा भाई गिरफ्त में
सारांश
Key Takeaways
- 5 साल की बच्ची को यौन शोषण से बचाया गया।
- आरोपी चचेरा भाई है, जिसने अपना अपराध कबूल किया।
- बच्ची को चिकित्सा और काउंसलिंग सहायता मिल रही है।
- कानूनी कार्रवाई आईटी एक्ट और पोक्सो एक्ट के तहत की गई है।
- साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ऐसे मामलों में सक्रियता से काम कर रहा है।
हैदराबाद, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने एक 5 साल की बच्ची को सफलतापूर्वक बचाया है और उसके चचेरे भाई को गिरफ्तार किया है, जो उसके साथ यौन शोषण कर रहा था।
तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो की निदेशक शिखा गोयल ने मंगलवार को जानकारी दी कि 19 साल के आरोपी को चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेटिव एंड एब्यूसिव मटेरियल मामले में पकड़ा गया है।
यह घटना तब उजागर हुई जब तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो की चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेटिव एंड एब्यूसिव मटेरियल टिपलाइन से प्राप्त सबूतों की जांच की। इस दौरान यह भी पता चला कि बच्ची के माता-पिता को इस मामले की जानकारी नहीं थी।
निदेशक ने बताया कि 2026 में यह दूसरी बार है, जब तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने एक नाबालिग लड़की का सफलतापूर्वक बचाव किया है। दोनों मामलों में अधिकारियों ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।
उन्होंने कहा, "यह अत्यंत दुखद है कि दोनों ही मामलों में आरोपी पीड़िताओं के परिचित थे। इस घटना में आरोपी बच्ची का चचेरा भाई है, जिसे वह मासूमियत से 'भैया' कहती थी।"
आरोपी की पहचान मोहम्मद फहाद के रूप में हुई है, जो सेकेंड ईयर का छात्र है और हैदराबाद के गोलकुंडा क्षेत्र के छोटा बाजार का निवासी है।
ब्यूरो की निदेशक के अनुसार, टिपलाइन पर मिले वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। वह अक्सर बच्ची के घर आता था और उसे छत पर ले जाकर गलत काम करता था। आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया गया है और उनकी जांच की जा रही है, ताकि और सबूत प्राप्त हो सकें।
इस मामले में आईटी एक्ट की धारा 67-बी और पोक्सो एक्ट की धारा 15, 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
शिखा गोयल ने बताया कि बच्ची को आवश्यक मदद और देखभाल प्रदान की जा रही है, और उसके माता-पिता को भी काउंसलिंग दी गई है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ यौन शोषण के मामले अक्सर छिपे रहते हैं और अधिकतर आरोपी परिवार या जान-पहचान के लोग ही होते हैं। इसलिए बच्चों की देखभाल किसके भरोसे छोड़ी जा रही है, इस पर सावधानी बरतना बहुत आवश्यक है।
तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ऐसे अपराधों को रोकने के लिए निरंतर प्रयासरत है और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है। बच्चों को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ कठोर और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।