सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, असम चुनाव एक जन आंदोलन बन गया है
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गुवाहाटी, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम की संस्कृति, पहचान और भूमि की सुरक्षा के लिए चल रहे विधानसभा चुनाव एक जन आंदोलन में बदल चुके हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि यह चुनावी प्रक्रिया केवल एक पारंपरिक राजनीतिक मुकाबला नहीं है, बल्कि यह लोगों की सामूहिक संकल्प का प्रतीक है, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय आक्रमण का विरोध करना है।
सीएम सरमा ने कहा कि हमने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था, लेकिन इसे एक आंदोलन में बदलने का प्रयास भी किया है। उन्होंने यह भी बताया कि मतदाता अभूतपूर्व संख्या में मतदान के लिए बाहर आए हैं, और कई मतदान केंद्रों पर मतदान का प्रतिशत 95 प्रतिशत से अधिक रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, असम में शाम 5 बजे तक 84.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो सभी निर्वाचन क्षेत्रों में लोगों की जबरदस्त भागीदारी को दर्शाता है। मतदान प्रक्रिया अधिकतर शांति से संपन्न हुई और सुबह से ही बूथों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं।
सीएम सरमा ने कहा कि भारी मतदान इस बात का संकेत है कि लोग जाति और भाषा की सीमाओं को पार कर, राज्य की पहचान की रक्षा के लिए एकजुट होकर मतदान कर रहे हैं। उन्होंने इसे इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना बताया, और कहा कि यह असम के राजनीतिक इतिहास में एक निर्णायक मोड़ है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मतदाताओं के बीच आशा, गर्व और खुशी के संकेतों से चुनाव का परिणाम स्पष्ट नजर आ रहा है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि मतदाताओं का संदेश स्पष्ट है: असम हार नहीं मानेगा, असम लड़ेगा, असम बचेगा, असम कायम रहेगा।