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2029 तक लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण का लक्ष्य: मिलिंद देवरा

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2029 तक लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण का लक्ष्य: मिलिंद देवरा

सारांश

शिवसेना सांसद मिलिंद देवरा ने महिला आरक्षण बिल के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि 2029 तक इसे लागू करने का लक्ष्य है। विशेष सत्र में महत्वपूर्ण बिल पास होंगे। जानें इस संबंध में और क्या कहा देवरा ने।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का स्वागत किया गया है।
2029 तक सभी विधानसभाओं में आरक्षण का लक्ष्य।
विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल को आयोजित होगा।
कांग्रेस ने बारामती उपचुनाव में उम्मीदवार वापस लिया।
राज्यसभा में युवा और अनुभवी नेताओं का समावेश।

मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना के सांसद मिलिंद देवरा ने महिला आरक्षण बिल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लेख का स्वागत करते हुए कहा कि अगले हफ्ते 16 से 18 अप्रैल के बीच आयोजित विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित बिल को पास किया जाएगा।

मुंबई में शिवसेना सांसद मिलिंद देवरा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि जैसे ही परिसीमन बिल पारित होगा, परिसीमन की प्रक्रिया आरम्भ हो जाएगी। हमारा उद्देश्य, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लेख में उल्लेख किया है, 2029 तक लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करना है।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि शिवसेना की ओर से मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। हमारी पूरी पार्टी इस बिल को समर्थन देने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।

मिलिंद देवरा ने कहा कि राज्यसभा को 'उच्च सदन' कहा जाता है, जहां युवा और अनुभवी नेता जैसे नीतीश कुमार शामिल होते हैं। देश को आगे बढ़ाने के लिए युवा और अनुभवी नेताओं को एक साथ मिलकर काम करना चाहिए।

बारामती उपचुनाव में कांग्रेस द्वारा अपने उम्मीदवार को वापस लेने पर देवरा ने कहा कि महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री के निधन जैसी दुखद घटनाओं के बाद उम्मीदवार वापस लेना एक परंपरा बन गई है।

उन्होंने इस निर्णय के लिए कांग्रेस का धन्यवाद किया।

गौरतलब है कि बारामती उपचुनाव के संदर्भ में महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने घोषणा की है कि कांग्रेस इस उपचुनाव में अपना उम्मीदवार वापस लेगी। पहले, पार्टी ने इस सीट से उम्मीदवार खड़ा किया था, जो उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले थे।

यह निर्णय उस समय आया है, जब नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल जारी है।

बारामती सीट पर मतदान 23 अप्रैल को होना है, लेकिन अब कांग्रेस के इस कदम के बाद चुनाव के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक नई राजनीतिक दिशा की ओर भी इशारा करता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए निश्चित सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
कब तक महिला आरक्षण लागू होगा?
मिलिंद देवरा के अनुसार, महिला आरक्षण 2029 तक लागू होगा।
विशेष सत्र कब बुलाया गया है?
विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बुलाया गया है।
कांग्रेस ने बारामती उपचुनाव में क्या निर्णय लिया?
कांग्रेस ने बारामती उपचुनाव में अपना उम्मीदवार वापस लेने का निर्णय लिया है।
परिसीमन का क्या महत्व है?
परिसीमन का महत्व यह है कि यह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करता है और नए क्षेत्रों का गठन करता है।
राष्ट्र प्रेस
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