महिला आरक्षण विधेयक के लिए सभी दलों का सहयोग आवश्यक: इमरान मसूद
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का विशेष सत्र 16 अप्रैल से शुरू होगा।
- सभी दलों के सहयोग की आवश्यकता है।
- इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया।
- हुमायूं कबीर और ओवैसी के बीच गठबंधन टूट गया।
- भारत की विदेश नीति और कूटनीति में सुधार की आवश्यकता है।
बुरहानपुर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक के लिए संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से आरंभ होने वाला है। इस सत्र पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के लिए सभी राजनीतिक दलों का सहयोग आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकार हर विषय को एक ‘इवेंट’ बना देती है। यह विधेयक सबसे पहले सोनिया गांधी द्वारा पेश किया गया था। महिलाओं के लिए आरक्षण की पहल सोनिया गांधी के प्रयासों से ही शुरू हुई थी। अब भाजपा को यह नहीं कहना चाहिए कि यह उपलब्धि केवल उनकी है। इसमें सभी का योगदान महत्वपूर्ण है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हुमायूं कबीर और ओवैसी के बीच गठबंधन टूटने पर इमरान मसूद ने कहा कि वह हुमायूं कबीर को भाजपा का एजेंट मानते हैं। उन्होंने ओवैसी को भी चेतावनी दी थी कि वह ऐसे व्यक्ति से हाथ मिला रहे हैं जिनका भाजपा से संबंध है। अब गठबंधन टूट गया है, तो अवश्य ही कुछ तो बात रही होगी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के विदेश दौरे और युद्धविराम पर इमरान मसूद ने कहा कि युद्धविराम होना सकारात्मक है, लेकिन हमारी कूटनीति विफल रही है। पाकिस्तान, जो आतंकवाद का पोषक देश है, वह युद्धविराम में अग्रणी भूमिका निभा रहा था।
कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि भारत को जिस स्तर पर होना चाहिए था, हम वहां नहीं पहुँच पाए। यह भारत की विदेश नीति और कूटनीति की स्पष्ट विफलता है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। इमरान मसूद ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा के साथ जो भी रहता है, उसे समाप्त कर देती है। नीतीश कुमार का चैप्टर भी अब खत्म हो गया है।