एनएचआरसी ने अहमदाबाद हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग पर रिपोर्ट की मांग की

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एनएचआरसी ने अहमदाबाद हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग पर रिपोर्ट की मांग की

सारांश

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अहमदाबाद के एक हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। कई छात्राएं बीमार हुईं, और आयोग ने विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है। यह मामला मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा है।

Key Takeaways

  • फूड पॉइजनिंग के मामले में कई छात्राएं बीमार हुईं।
  • एनएचआरसी ने दौ सप्ताह रिपोर्ट मांगी है।
  • जांच के लिए खाने और पानी के नमूने लिए गए हैं।
  • मानवाधिकारों का उल्लंघन गंभीर मामला है।
  • हॉस्टल में बने खाने और बाहर से मंगाई गई चीजों का सेवन किया गया।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गुजरात के अहमदाबाद जिले में स्थित एक लड़कियों के हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग की एक गंभीर घटना पर ध्यान दिया है। इस घटना में कई छात्राएं खाना खाने के बाद बीमार हो गईं।

एनएचआरसी ने राज्य के मुख्य सचिव और अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग ने अधिकारियों से प्रभावित छात्राओं की स्वास्थ्य स्थिति और जांच की प्रगति पर जानकारी मांगी है।

आयोग ने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन मानते हुए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 5 अप्रैल को मेमनगर क्षेत्र के हॉस्टल में हुई, जहाँ छात्रों ने खाना खाने के बाद पेट दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत की।

बाद में, उन्हें चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल भेजा गया। हॉस्टल में रहने वाली लगभग 57 छात्राएं प्रभावित हुईं और उनमें से 18 को भर्ती कराया गया, जबकि अन्य को ओपीडी में निगरानी के बाद छुट्टी दे दी गई। भर्ती छात्रों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि छात्रों ने हॉस्टल में बना खाना और बाहर से मंगाई गई चीजें, जैसे कि पानी पूरी और दाबेली, दोनों का सेवन किया था।

हालांकि घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिलता है कि खाने में मिश्रण हो सकता है। जांच के लिए हॉस्टल से खाने और पानी के नमूने लिए गए हैं, और जांच के परिणामों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत स्थापित एनएचआरसी एक स्वायत्त वैधानिक संस्था है, जो मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भारत के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इसकी प्राथमिक भूमिका मानवाधिकारों की रक्षा करना और उन्हें बढ़ावा देना है।

यह संस्था विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी पर स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने के लिए अधिकृत है, चाहे उसे औपचारिक शिकायत न भी मिले।

Point of View

NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

फूड पॉइजनिंग के लक्षण क्या होते हैं?
फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त, और कमजोरी शामिल हैं।
एनएचआरसी क्या है?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) एक स्वायत्त संस्था है जो मानवाधिकारों की रक्षा और संवर्धन के लिए कार्य करती है।
क्या इस घटना के लिए कोई जिम्मेदार है?
अभी तक घटना का सही कारण पता नहीं चला है, लेकिन जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या छात्राओं का इलाज किया गया?
हाँ, बीमार छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया और उनमें से कुछ को भर्ती किया गया।
क्या इस मामले में कोई कार्रवाई होगी?
हां, एनएचआरसी ने रिपोर्ट मांगी है और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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