पुंछ में सेना ने LOC पर घुसपैठ नाकाम की, कृष्णा घाटी में एक आतंकवादी ढेर

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पुंछ में सेना ने LOC पर घुसपैठ नाकाम की, कृष्णा घाटी में एक आतंकवादी ढेर

सारांश

भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में LOC पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर एक आतंकवादी को मार गिराया। भारतीय क्षेत्र में 300 मीटर अंदर संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद सतर्क जवानों ने तत्काल कार्रवाई की। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।

मुख्य बातें

भारतीय सेना ने 12 मई को पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम की।
भारतीय क्षेत्र के 300 मीटर अंदर संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद शाम 4 बजे मुठभेड़ शुरू हुई।
एक आतंकवादी मारा गया; व्हाइट नाइट कोर ने कहा — नियंत्रण रेखा पर कोई सेंध नहीं लगी।
आतंकवादी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की ओर से भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे।
इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है; पूरे सेक्टर में उच्च सतर्कता बरकरार।
जम्मू-कश्मीर में 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा की सुरक्षा भारतीय सेना करती है।

भारतीय सेना के जवानों ने मंगलवार, 12 मई को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LOC) पर घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। कृष्णा घाटी सेक्टर में हुई इस मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया, जबकि इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुई मुठभेड़

नागरोटा स्थित सेना की व्हाइट नाइट कोर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि शाम करीब 4 बजे लगातार निगरानी के दौरान कृष्णा घाटी सेक्टर, पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र के लगभग 300 मीटर अंदर संदिग्ध गतिविधि देखी गई।

सेना के अनुसार, सतर्क जवानों ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की ओर से भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो रहे आतंकवादियों के एक समूह को देखा और उन्हें चुनौती दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। व्हाइट नाइट कोर ने पोस्ट में कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह सफल कार्रवाई उसी बढ़ी हुई चौकसी का परिणाम है। हालाँकि, ड्रोन-आधारित तस्करी और ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क जैसी चुनौतियाँ बताती हैं कि पारंपरिक घुसपैठ के साथ-साथ नए तरीकों से भी खतरा बना हुआ है। असली परीक्षा यह है कि सर्च ऑपरेशन से घुसपैठ नेटवर्क की कितनी गहरी जानकारी मिलती है और उसके आधार पर कितनी बड़ी कार्रवाई होती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुंछ में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश कब और कहाँ हुई?
यह घटना 12 मई को शाम करीब 4 बजे जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास हुई। भारतीय क्षेत्र के लगभग 300 मीटर अंदर संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद सेना ने तत्काल कार्रवाई की।
व्हाइट नाइट कोर क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
व्हाइट नाइट कोर नागरोटा स्थित भारतीय सेना की एक प्रमुख कोर है, जो जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालती है। इस कोर के जवानों ने ही कृष्णा घाटी में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया।
इस मुठभेड़ में कितने आतंकवादी मारे गए और क्या ऑपरेशन जारी है?
सेना के अनुसार इस मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और पूरे सेक्टर में उच्च सतर्कता बनाए रखी गई है।
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा की सुरक्षा कौन करता है?
जम्मू-कश्मीर में 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा की सुरक्षा भारतीय सेना करती है, जबकि 240 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी सीमा सुरक्षा बल (BSF) करता है।
सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों का क्या खतरा है?
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ड्रोन का इस्तेमाल हथियार, गोला-बारूद, नकदी और ड्रग्स गिराने के लिए किया जाता है। इन गतिविधियों में पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की मदद होने का आरोप है, और आतंकवादी संगठनों के ओवरग्राउंड वर्कर इन सामग्रियों को आतंकियों तक पहुँचाते हैं।
राष्ट्र प्रेस