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जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना ने 326 दिनों के ऑपरेशन में 7 खतरनाक आतंकवादियों को मार गिराया

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जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना ने 326 दिनों के ऑपरेशन में 7 खतरनाक आतंकवादियों को मार गिराया

सारांश

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारतीय सेना ने 326 दिनों के हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन में 7 आतंकवादियों को समाप्त किया। यह ऑपरेशन कई ऊँचाई वाले इलाकों और कठिन हालात में हुआ, जिसमें आधुनिक टेक्नोलॉजी का सहारा लिया गया।

मुख्य बातें

326 दिनों तक चला हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन .
7 खतरनाक आतंकवादी मारे गए.
उच्च तकनीक का इस्तेमाल किया गया.
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम.
आतंकवादियों के नेटवर्क पर प्रहार.

जम्मू, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ क्षेत्र में 326 दिनों तक चले हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन में भारतीय सेना ने 7 खतरनाक आतंकवादियों को मार गिराया है। व्हाइट नाइट कोर (16 कोर) ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर व्हाइट नाइट कोर ने बताया, "किश्तवाड़ में 326 दिनों तक निरंतर हाई-एल्टीट्यूड अभियान चलाए गए। सेना ने चुनौतीपूर्ण इलाकों में ठंडे, गीले और बर्फीले मौसम में आतंकवादियों को ट्रैक किया। इस दौरान कई बार मुठभेड़ हुई। व्हाइट नाइट कोर की टुकड़ियों, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने खुफिया एजेंसियों की मदद से किश्तवाड़ के चटरू क्षेत्र में सभी सात कुख्यात आतंकवादियों को खत्म किया।"

पोस्ट में आगे कहा गया, "इस ऑपरेशन में एफपीवी ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, आरपीए/यूएवी और अन्य टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया। हमारी सेनाओं की लगातार कोशिश और दृढ़ संकल्प, जिसके परिणाम स्वरूप सैफुल्लाह और उसके साथियों का अंत हुआ, यह दर्शाता है कि हमारे जवानों और इंटेलिजेंस एजेंसियों की ताकत के सामने कुछ भी नहीं टिक सकता।"

भारतीय सेना ने इसे आतंक नेटवर्क पर एक महत्वपूर्ण प्रहार बताया है। व्हाइट नाइट कोर ने मारे गए आतंकवादियों की तस्वीरें भी साझा की हैं, जिन पर लाल रंग में क्रॉस लगा हुआ है।

इससे पहले, सेना ने 'ऑपरेशन त्रासी-1' के तहत एक संयुक्त अभियान में तीन आतंकवादियों को मारा। व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि आतंकवादी के अवशेष और हथियार भी बरामद किए गए हैं। सेना ने कहा, "स्थिरता को कमजोर करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।"

पिछले साल किश्तवाड़ के घने जंगलों में ज्वाइंट फोर्स और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के बीच कई मुठभेड़ें हुईं। भारतीय सेना ने आतंकवादियों का पीछा किया, लेकिन वे जम्मू डिवीजन के किश्तवाड़, डोडा, कठुआ और उधमपुर जिलों के बीच अपनी जगह बदलते रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आतंकवाद के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह ऑपरेशन कब शुरू हुआ?
यह ऑपरेशन 326 दिनों तक चला और किश्तवाड़ जिले में संचालित हुआ।
इस ऑपरेशन में कितने आतंकवादी मारे गए?
इस ऑपरेशन में कुल 7 खतरनाक आतंकवादी मारे गए।
भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन में कौन सी तकनीकें इस्तेमाल कीं?
सेना ने एफपीवी ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, और आरपीए/यूएवी का उपयोग किया।
क्या यह ऑपरेशन पहले हुए किसी ऑपरेशन से संबंधित है?
हाँ, यह 'ऑपरेशन त्रासी-1' से संबंधित है जिसमें पहले भी आतंकवादियों को मारा गया था।
इस ऑपरेशन का उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य आतंकवाद के नेटवर्क को समाप्त करना और क्षेत्र में स्थिरता लाना था।
राष्ट्र प्रेस
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