लॉर्ड्स टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से रौंदा, कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने माना — साझेदारी न बना पाना रही हार की जड़
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 13 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स में खेले गए ऐतिहासिक एकमात्र महिला टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 270 रन से पराजित कर दिया — यह लॉर्ड्स के मैदान पर महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक यादगार जीत है। इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने हार के बाद खुलकर स्वीकार किया कि उनकी टीम मैच के निर्णायक क्षणों में असरदार साझेदारियाँ बनाने में नाकाम रही।
मैच का स्कोरकार्ड
भारत ने अपनी पहली पारी में 285 रन बनाए, जिसके जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम महज 170 रन पर ढेर हो गई। इस तरह भारत को पहली पारी के आधार पर 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई। दूसरी पारी में भारत ने 341/7 के स्कोर पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। मेजबान टीम इस लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी दूसरी पारी में सिर्फ 186 रन ही बना सकी और मैच 270 रन से गँवा बैठी।
कप्तान की स्वीकारोक्ति — कहाँ चूकी इंग्लैंड
मैच के बाद नैट साइवर-ब्रंट ने कहा, 'मुझे लगता है कि पहले दिन की सुबह, हम शायद हालात के हिसाब से उतनी अच्छी तरह नहीं ढल पाए जितनी अच्छी तरह ढल सकते थे; हमें सही लेंथ खोजने में मुश्किल हुई, लेकिन एक बार जब हमने सही लेंथ पर गेंदबाजी शुरू की, तो मुझे लगता है कि हम सच में गेम में वापस आ गए थे।' उन्होंने आगे कहा, 'हम एक साथ काफी साझेदारियाँ नहीं बना पाए और उन्हें आगे नहीं बढ़ा पाए, और जाहिर है कि उनके टोटल के करीब नहीं पहुँच पाए।'
गौरतलब है कि साझेदारियों की कमी इंग्लैंड की दोनों पारियों में स्पष्ट रूप से दिखी। पहली पारी में 170 और दूसरी में 186 — दोनों ही बार टीम बड़े स्कोर के करीब भी नहीं पहुँच सकी।
टॉस के फैसले का बचाव
लॉर्ड्स में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनने के अपने निर्णय पर नैट ने कहा, 'मुझे ऐसा नहीं लगता। मेरा मतलब है, आप इसे दूसरे नजरिए से भी देख सकते हैं — हो सकता है कि पहले दिन की सुबह ही हमारे तीन या चार विकेट गिर जाते। मुझे लगता है कि एक टीम के तौर पर हम उस फैसले से खुश थे। हमने गेम में हावी होने के कुछ अच्छे पल दिखाए।'
खिलाड़ियों की हिम्मत की सराहना
हार के बावजूद कप्तान ने अपनी खिलाड़ियों के प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'मैच के अलग-अलग समय पर हमने बहुत हिम्मत दिखाई। सोफी एक्लेस्टोन, लॉरेन बेल, सोफी, ईसी वोंग ने हमारे लिए कुछ न कुछ किया। लॉर्ड्स में पहला मैच होना एक शानदार अनुभव था, लेकिन हमारे लिए अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है।'
व्यस्त शेड्यूल — बहाना नहीं, हकीकत
यह मैच ऐसे समय में आया जब इंग्लैंड की टीम टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के तुरंत बाद सबसे लंबे फॉर्मेट में उतरी थी, जिससे रेड-बॉल की तैयारी के लिए बेहद कम समय मिला। हालाँकि नैट ने व्यस्त शेड्यूल को हार का बहाना बनाने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा, 'जाहिर है, हम उस फाइनल के बाद कुछ और दिन चाहते थे, अभी शेड्यूलिंग का माहौल ऐसा ही है। क्रिकेटर के तौर पर हमें इसके लिए तैयार रहना होगा और टी20 फॉर्मेट के बाद टेस्ट मैच की तैयारी करने से पहले जितना हो सके रिकवर करना होगा।' यह टिप्पणी महिला क्रिकेट के बढ़ते कैलेंडर दबाव की ओर इशारा करती है, जो आने वाले वर्षों में और गहरी बहस का विषय बन सकती है।