झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों में सीबीटी सेंटर, बीआईटी सिंदरी बनेगी यूनिटरी यूनिवर्सिटी — हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 14 जुलाई 2025 को झारखंड मंत्रालय, रांची में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों की रूपरेखा तय की गई। बैठक में सभी विश्वविद्यालयों में पीपीपी मॉडल पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) सेंटर स्थापित करने, बीआईटी सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी में अपग्रेड करने और अगले 15 दिनों में झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को पूरी तरह कार्यरत करने पर सहमति बनी।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति और चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। बीआईटी सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी का दर्जा देने के लिए विधेयक तैयार करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त बीआईटी एवं जेआईटी संस्थानों के संचालन के लिए आईआईटी और एनआईटी की तर्ज पर नई गवर्निंग व्यवस्था विकसित करने का भी निर्णय लिया गया।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब झारखंड में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और रोज़गारपरकता को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। बीआईटी सिंदरी का यूनिटरी यूनिवर्सिटी में रूपांतरण इस दिशा में एक संरचनात्मक कदम माना जा रहा है।
तकनीकी शिक्षा क्लस्टर और नए पाठ्यक्रम
राज्य के नौ जिलों — रांची, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह, पलामू, गुमला, गोड्डा और साहिबगंज — में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने की योजना पर विचार-विमर्श हुआ। सभी राजकीय पॉलिटेक्निक और प्रौद्योगिकी संस्थानों में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल डिजाइन, लॉजिस्टिक्स एवं शिपिंग जैसे रोज़गारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देशभर में तकनीकी शिक्षा को उद्योग की ज़रूरतों के अनुरूप ढालने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
ऑनलाइन शिक्षा और छात्र कल्याण योजनाएँ
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालयों में लाइव ऑनलाइन कक्षाएँ शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पहले चरण में यह व्यवस्था झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और बीबीएमके धनबाद में लागू होगी।
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अब तक 2,888 पात्र विद्यार्थियों को स्वीकृति दी गई है, जबकि 243 विद्यार्थियों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से लगभग ₹64 करोड़ का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिसकी गारंटी सरकार दे रही है। बैठक में इस योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने पर ज़ोर दिया गया।
इसके अलावा मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति, मानकी मुंडा छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री फेलोशिप, राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना और अन्य छात्र कल्याण योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
संस्थागत सुधार और नई व्यवस्था
विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने, छात्रावासों की स्थिति सुधारने और उच्च शिक्षा के लिए वैकल्पिक वित्तीय स्रोत विकसित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में झारखंड अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (जेयूपीएमआई) को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन लाने पर सहमति बनी। यहाँ बैचलर ऑफ प्लानिंग, मास्टर ऑफ प्लानिंग और एमबीए इन इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएँगे।
इन निर्णयों के क्रियान्वयन की गति और झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग की सक्रियता आने वाले हफ्तों में इस सुधार अभियान की दिशा तय करेगी।