जातिगत जनगणना से हर वर्ग की आर्थिक-सामाजिक तस्वीर होगी स्पष्ट: रामदास आठवले
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 18 मई 2026 को नागपुर में जातिगत जनगणना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान, केरल की नई सरकार और नीट पेपर लीक मामले सहित कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना से न केवल हर जाति की सटीक आबादी सामने आएगी, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति का भी वास्तविक आकलन संभव हो सकेगा।
जातिगत जनगणना पर आठवले का पक्ष
आठवले ने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2021 में होने वाली जनगणना नहीं हो पाई थी। अब केंद्र सरकार ने जाति आधारित जनगणना कराने का निर्णय लिया है। उनके अनुसार इस जनगणना से यह स्पष्ट होगा कि किस जाति में कितने लोग गरीब हैं और कितने संपन्न हैं।
उन्होंने कहा कि इस डेटा से सरकार को हर वर्ग तक योजनाओं और सहायता को अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का अवसर मिलेगा। गौरतलब है कि जातिगत जनगणना की माँग लंबे समय से विभिन्न दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा उठाई जाती रही है।
बौद्ध समाज के आरक्षण पर स्थिति
आठवले ने बौद्ध समाज को मिलने वाले आरक्षण पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति (SC) से बौद्ध धर्म अपनाने वाले लोगों को SC-ST आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा — यह निर्णय तत्कालीन प्रधानमंत्री ने विभिन्न दलों और संगठनों के आंदोलनों के बाद लिया था, जिसमें आठवले की पार्टी भी शामिल थी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जो लोग खुद को बौद्ध दर्ज कराते हैं, वे अपनी मूल जाति का उल्लेख भी करें, ताकि जनगणना डेटा अधिक सटीक हो सके।
मोदी को स्वीडन सम्मान और 'भारत माता' विवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान से नवाज़े जाने पर आठवले ने इसे भारत के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि मोदी ने पूरी दुनिया में एक लोकप्रिय और मज़बूत नेता की छवि स्थापित की है।
पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले हर व्यक्ति को भारत माता को 'माँ' कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए।
केरल की नई सरकार पर तंज
केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण के संदर्भ में आठवले ने कांग्रेस पर कटाक्ष किया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक मुख्यमंत्री का नाम तय करने में कांग्रेस को इतना समय क्यों लगा। हालाँकि उन्होंने सतीशन को शुभकामनाएँ भी दीं और कहा कि यदि केरल से उनके मंत्रालय में कोई प्रस्ताव आता है तो राजनीति से ऊपर उठकर अधिकतम सहायता दी जाएगी।
नीट पेपर लीक: माफी नहीं, कठोर सजा की माँग
नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री से माफी माँगने की माँग पर आठवले ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि माफी माँगने जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि इस मामले की जाँच सीबीआई कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ राजद्रोह जैसी कड़ी धाराएँ लगाई जानी चाहिए और उन्हें कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है।