ममता बनर्जी की अनुपस्थिति में CID का आवास-तलाशी अभियान, TMC विधायक कुणाल घोष ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर सीआईडी (CID) ने मंगलवार, 9 जून को करीब दो घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान ममता बनर्जी दिल्ली दौरे पर थीं और उनके आवास पर उनकी मौजूदगी नहीं थी। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक कुणाल घोष ने पूरे घटनाक्रम को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
कुणाल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी का दिल्ली दौरे पर होना पहले से सार्वजनिक जानकारी थी। उनके अनुसार, जब तक ममता बनर्जी कोलकाता में अपने घर पर थीं, तब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई — लेकिन उनके दिल्ली रवाना होते ही इस तरह का माहौल बनाया जाने लगा। घोष ने यह भी कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सीआईडी वहाँ वास्तव में क्या कर रही थी।
कुणाल घोष की प्रतिक्रिया
घोष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इसे प्रशासन का कोई साहसिक कदम नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा, 'जब ममता बनर्जी घर पर ही नहीं हैं, तब उनके आवास पर इस तरह की गतिविधियाँ करना उचित नहीं है और इससे गलत संदेश जाता है।' उनके मुताबिक, ऐसा माहौल बनाया जा रहा है मानो यह दिखाने की कोशिश हो कि पुलिस ममता बनर्जी के घर तक पहुँच सकती है।
जाँच बनाम डर का माहौल
घोष ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के पीछे जाँच से ज़्यादा 'डर और नकारात्मक माहौल' बनाने की मंशा दिखती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब जाँच एजेंसियाँ ममता बनर्जी के पास पहले आई थीं, तब उन्होंने पूरा सहयोग किया था, क्योंकि वह कानून का सम्मान करने वाली नागरिक हैं। घोष ने यह भी जोड़ा कि इस तरह के कदमों से ममता बनर्जी को डराया नहीं जा सकता।
घोष का मौके पर पहुँचना
घोष ने बताया कि वह किसी अन्य काम के सिलसिले में पिछली रात कोलकाता आए थे और फॉलो-अप के लिए दोबारा पहुँचे थे। इसी दौरान उन्हें सीआईडी की तलाशी की सूचना मिली। उनके सामने दो विकल्प थे — वापस लौट जाएँ या मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें। उन्होंने दूसरा विकल्प चुना और घटनास्थल पर पहुँचकर पूरी जानकारी ली।
आगे क्या
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि राज्य की जाँच एजेंसियों की कार्रवाई और विपक्षी नेताओं के आवासों पर छापेमारी को लेकर बंगाल की राजनीति में लंबे समय से विवाद रहा है। सीआईडी की इस तलाशी के पीछे की वजह और आगे की कार्रवाई अभी स्पष्ट नहीं है।