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क्या महाराष्ट्र के विरार में इमारत ढहने से मृतकों की संख्या 14 हो गई? बचाव कार्य जारी

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क्या महाराष्ट्र के विरार में इमारत ढहने से मृतकों की संख्या 14 हो गई? बचाव कार्य जारी

सारांश

महाराष्ट्र के विरार में एक अनधिकृत इमारत ढहने से 14 लोगों की जान चली गई। यह घटना बुधवार को हुई और बचाव कार्य अभी जारी है। जानें इस घटना के पीछे की कहानी और प्रभावित परिवारों की स्थिति।

मुख्य बातें

विरार में अवैध निर्माणों की समस्या गंभीर है।
बचाव कार्य में स्थानीय और राष्ट्रीय एजेंसियों की भागीदारी है।
मलबा हटाने में कठिनाइयाँ आ रही हैं।
प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है।
इस दुर्घटना से हमें शहरी विकास की योजनाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

मुंबई, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में एक अवैध चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा ढहने से एक दुखद घटना सामने आई है। इस दुर्घटना में मां-बेटी समेत कुल 14 लोगों की जान गई है, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस बात की पुष्टि अधिकारियों ने गुरुवार को की। यह घटना बुधवार तड़के हुई।

मलबे से 6 शवों को निकाला गया, जबकि कई अन्य ने अस्पतालों में इलाज के दौरान अपनी जान गंवा दी।

बुधवार रात लगभग 12.05 बजे रमाबाई अपार्टमेंट के पिछले हिस्से के ढहने के बाद से बचाव कार्य 24 घंटे से अधिक समय से जारी है।

अधिकारियों ने बताया है कि अब तक 17 लोगों के बारे में जानकारी मिली है - 14 मृत, 1 घायल, और 2 को सुरक्षित निकाला गया है। बचाव अभियान अभी भी चल रहा है।

वसई विरार नगर निगम (वीवीएमसी) की शिकायत के बाद पुलिस ने बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया है।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 5वीं बटालियन की दो टीमें घटनास्थल पर राहत कार्य कर रही हैं।

पालघर की जिला कलेक्टर इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि मलबे में अभी और लोगों के फंसे होने की आशंका है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने बताया कि जिस 'चॉल' पर यह इमारत गिरी, वह घटना के समय खाली थी।

सुरक्षा के लिहाज से, आस-पास की सभी चॉलों को खाली करवा दिया गया है और निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

कदम ने बताया कि 2012 में बनी रमाबाई अपार्टमेंट में कुल 50 फ्लैट थे, जिनमें से ढहने वाला हिस्सा 12 अपार्टमेंट का था। वीवीएमसी के प्रवक्ता ने यह पुष्टि की है कि यह इमारत अवैध थी।

मलबा हटाने में देरी हुई क्योंकि भारी मशीनें उस क्षेत्र में नहीं पहुंच पाईं जहाँ इमारत गिरी थी।

वीवीएमसी के सहायक आयुक्त गिलसन गोंसाल्वेस ने बुधवार रात कहा, "अभी तक, मलबा हटाने का कार्य जारी है। शुरुआती घंटों में, मलबा नगर निगम की टीमों और एनडीआरएफ की दो इकाइयों ने हाथ से साफ किया। अब, यह कार्य मशीनों की मदद से तेजी से चल रहा है।"

इस दुर्घटना के कारण कई परिवार बेघर हो गए हैं। सभी प्रभावित परिवार वर्तमान में चंदनसर समाज मंदिर में शरण लिए हुए हैं, जहाँ उन्हें भोजन, पानी, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सेवाएँ मिल रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार को इस मामले में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विरार में इमारत ढहने की घटना कब हुई?
यह घटना बुधवार तड़के हुई।
इस घटना में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस घटना में 14 लोगों की मौत हुई, एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।
बचाव कार्य में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय नगर निगम की टीमें शामिल हैं।
अभी प्रभावित परिवार कहाँ शरण लिए हुए हैं?
प्रभावित परिवार चंदनसर समाज मंदिर में शरण लिए हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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