नितिन नवीन ने बेंगलुरु में दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 22 मई 2026 को बेंगलुरु में 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान' के अंतर्गत आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी BJP के समर्पित कार्यकर्ताओं की संघर्षगाथा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित करती है।
प्रदर्शनी में क्या है खास
नितिन नवीन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि यह प्रदर्शनी उन कार्यकर्ताओं के संघर्ष, समर्पण और बलिदान की प्रेरणादायक यात्रा को दर्शाती है, जिन्होंने संगठन को सुदृढ़ बनाने के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया। साथ ही, यह मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों और कर्नाटक में हुए विकासात्मक कार्यों को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है।
पटना में भी हुआ प्रशिक्षण शिविर
इससे एक दिन पहले, शनिवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर नितिन नवीन ने बिहार की राजधानी पटना में 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026' के अंतर्गत आयोजित पटना महानगर जिला प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने उद्घाटन सत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि BJP का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है।
भाजपा की वैचारिक यात्रा पर संबोधन
नितिन नवीन ने 'भाजपा का इतिहास, वैचारिक आधार एवं विकास यात्रा' विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि BJP की यात्रा केवल एक राजनीतिक दल के विस्तार की कहानी नहीं है — यह राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक चेतना, सेवा और संघर्ष की ऐतिहासिक यात्रा है।
नवीन ने यह भी रेखांकित किया कि वर्ष 1951 में स्थापित भारतीय जनसंघ से लेकर आज विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन के रूप में उभरी BJP तक की यात्रा कार्यकर्ताओं की तपस्या का परिणाम है। प्रारंभिक दौर में सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद कार्यकर्ताओं ने विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया।
सत्ता नहीं, सेवा है लक्ष्य
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि BJP का ध्येय सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान पहुँचाना है। उन्होंने बिहार में डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए विकासात्मक प्रयासों का भी उल्लेख किया। यह महाअभियान पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और कार्यकर्ता प्रशिक्षण को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।