मोदी सरकार के 12 साल पूरे: भाजपा 5 से 21 जून तक चलाएगी देशव्यापी जनसंपर्क अभियान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून 2026 तक एक व्यापक देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में 1 जून को पार्टी मुख्यालय, नई दिल्ली में हुई बैठक में यह रणनीति तय की गई।
अभियान का स्वरूप और समयसीमा
यह 15 दिवसीय अभियान सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने पर केंद्रित रहेगा। विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) जैसे महत्त्वपूर्ण अवसरों का उपयोग करते हुए पार्टी नेता गाँव-गाँव जाकर जनता से सीधा संवाद करेंगे। अभियान 23 जून से पहले समाप्त होगा, जिसे भाजपा 'बलिदान दिवस' के रूप में मनाती है।
इस दौरान पार्टी नेता प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100 प्रभावशाली मतदाताओं से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे और उनसे फीडबैक लेंगे — जो जमीनी स्तर पर जनमत को समझने की रणनीतिक कोशिश है।
संगठन विस्तार की रणनीति
बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर को मजबूत करना और समाज के नए वर्गों तक पहुँच बनाना पार्टी की आगामी सफलता के लिए अनिवार्य है।
पार्टी ने युवाओं को संगठन से जोड़ने और उन्हें प्रारंभिक दौर में ही नेतृत्व की जिम्मेदारियाँ सौंपने की योजना भी बनाई है। इसके साथ ही डॉक्टरों, इंजीनियरों और वकीलों जैसे पेशेवर वर्गों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया, ताकि उनकी विशेषज्ञता को नीति-निर्माण और सामाजिक विकास में उपयोग किया जा सके।
समावेशी भागीदारी पर जोर
महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए पार्टी में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व की भूमिका बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों की संगठन में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष योजनाओं को मंजूरी दी गई।
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकारें देश के 22 राज्यों में सत्ता में हैं। पार्टी नेतृत्व ने इसे भाजपा के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक मजबूती का प्रमाण बताया।
क्या होगा आगे
अभियान के तहत जमीनी कार्यकर्ताओं के सुझावों को भी नीतियों में शामिल करने की बात कही गई है। गौरतलब है कि यह अभियान भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें चुनावी तैयारियों और जनाधार विस्तार को एक साथ साधने की कोशिश की जाती है। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि जमीनी स्तर पर यह अभियान कितना प्रभावी रूप से लागू हो पाता है।