भाजपा की 1 जून को राष्ट्रीय अध्यक्षों की बैठक, किरण सिंह देव बोले — संगठन मजबूती पर फोकस
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक 1 जून 2025 को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही है, जिसमें देशभर के सभी राज्य इकाइयों के अध्यक्ष भाग लेंगे। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे। इस बैठक के संदर्भ में छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने 31 मई को रायपुर में अपना पक्ष रखा।
बैठक का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
किरण सिंह देव ने स्पष्ट किया कि यह कोई असाधारण या आपातकालीन बैठक नहीं है, बल्कि पार्टी की नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया का अंग है। उन्होंने कहा, 'भाजपा में समय-समय पर इस तरह की बैठकें होती हैं ताकि संगठन को धार दी जा सके और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तय की जा सके।' उनके अनुसार इस समय पार्टी के भीतर एक व्यापक प्रशिक्षण अभियान चल रहा है।
5 से 23 जून तक प्रमुख कार्यक्रम
देव ने बताया कि 5 जून से 23 जून 2025 के बीच कई अहम कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इनमें बलिदान दिवस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी से संबंधित स्मृति आयोजन, पर्यावरण दिवस और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 1 जून की बैठक में इन सभी कार्यक्रमों के समन्वय और मार्गदर्शन पर विस्तृत चर्चा होगी।
मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की सराहना
किरण सिंह देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के निर्बाध नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने दावा किया कि मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लगातार इतने वर्षों तक देश का नेतृत्व किया है। देव के अनुसार, इस अवधि में विकास, सामाजिक योजनाओं और वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान के मामले में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार की योजनाओं का लाभ गाँव, शहर और हर वर्ग तक पहुँचा है तथा विदेशों में रहने वाले भारतीयों की पहचान और सम्मान भी मजबूत हुआ है।
यूसीसी पर सतर्क जवाब
समान नागरिक संहिता (UCC) पर पूछे गए सवालों के जवाब में देव ने कहा कि यह विषय केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के स्तर पर विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई निर्णय होगा, वह सार्वजनिक रूप से सामने आ जाएगा — इससे आगे कोई ब्यौरा उन्होंने नहीं दिया।
इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला
देव ने विपक्षी इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह गठबंधन अपने अस्तित्व को लेकर ही संघर्ष कर रहा है। उनके अनुसार, इस गठबंधन में न साझा विचारधारा है, न कोई कॉमन मिनिमम प्रोग्राम — दल केवल सत्ता प्राप्ति के लिए एकजुट हुए हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल, पंजाब और तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में ये दल परस्पर विरोधी हैं, लेकिन राष्ट्रीय मंच पर एक साथ दिखने की कोशिश करते हैं। देव ने इसे 'राजनीतिक अवसरवाद' करार दिया और कहा कि इससे जनता के बीच इन दलों की विश्वसनीयता कमजोर हो रही है।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भाजपा अपने संगठनात्मक ढाँचे को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रही है। आगामी हफ्तों में पार्टी के कार्यक्रमों और प्रशिक्षण अभियान की दिशा इस बैठक के बाद और स्पष्ट होगी।