रोहिणी कोर्ट ने गैंगस्टर काला जठेड़ी को 4 घंटे की कस्टडी पैरोल दी, नवजात जुड़वा बच्चों से मिलेगा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की रोहिणी अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को 1 जुलाई 2026 को 4 घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर की है, ताकि वह पुलिस निगरानी में अपनी पत्नी और नवजात जुड़वा बच्चों से मुलाकात कर सके। अदालत ने यह राहत पूरी तरह मानवीय आधार पर दी है और स्पष्ट किया है कि इसका उसके खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
जुड़वा बच्चों का जन्म और अदालत की जाँच
काला जठेड़ी और उसकी पत्नी अनुराधा चौधरी के जुड़वा बच्चों का जन्म आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है। इस प्रक्रिया के लिए पहले ही अदालत से अनुमति ली जा चुकी थी। प्रसव के दौरान अनुराधा की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों को सी-सेक्शन के जरिए डिलीवरी करानी पड़ी।
पैरोल पर फैसला सुनाने से पहले अदालत ने अस्पताल रिकॉर्ड और मेडिकल दस्तावेजों की स्वतंत्र जाँच कराई। जाँच में जुड़वा बच्चों के जन्म तथा माँ और बच्चों के उपचार की पुष्टि होने के बाद ही यह राहत दी गई।
कड़ी सुरक्षा शर्तें
अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया है कि मुलाकात के पूरे 4 घंटे काला जठेड़ी पुलिस हिरासत और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रहेगा। परिवार की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल तथा मुलाकात के स्थान की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब काला जठेड़ी को इस तरह की राहत मिली हो। 12 मार्च 2024 को अनुराधा चौधरी से विवाह के लिए भी अदालत ने उसे 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी, जिसके दौरान 250 से अधिक पुलिसकर्मी और कमांडो तैनात किए गए थे।
काला जठेड़ी की आपराधिक पृष्ठभूमि
काला जठेड़ी हरियाणा के सोनीपत जिले के जठेड़ी गाँव का मूल निवासी है। 12वीं पास यह शख्स पहले केबल ऑपरेटर का काम करता था। आज उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हत्या, फिरौती, रंगदारी और जमीन पर कब्जे समेत 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के विरुद्ध कानून-प्रवर्तन एजेंसियाँ सख्त कदम उठा रही हैं। काला जठेड़ी का मामला न्यायपालिका के समक्ष मानवीय अधिकारों और सुरक्षा संतुलन की जटिल चुनौती को उजागर करता है।
आगे क्या होगा
अदालत ने साफ किया है कि यह एकमुश्त राहत है और इससे चल रही कानूनी कार्यवाही प्रभावित नहीं होगी। काला जठेड़ी के खिलाफ विभिन्न राज्यों में मामलों की सुनवाई पूर्ववत जारी रहेगी।