1 जुलाई 2026
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रोहिणी कोर्ट ने गैंगस्टर काला जठेड़ी को 4 घंटे की कस्टडी पैरोल दी, नवजात जुड़वा बच्चों से मिलेगा

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रोहिणी कोर्ट ने गैंगस्टर काला जठेड़ी को 4 घंटे की कस्टडी पैरोल दी, नवजात जुड़वा बच्चों से मिलेगा

सारांश

दिल्ली की रोहिणी अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी को मानवीय आधार पर 1 जुलाई को 4 घंटे की कस्टडी पैरोल दी है — आईवीएफ से जन्मे नवजात जुड़वा बच्चों से मिलने के लिए। अस्पताल रिकॉर्ड की जाँच के बाद दी गई यह राहत पूरी तरह पुलिस हिरासत में होगी और लंबित आपराधिक मामलों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

मुख्य बातें

रोहिणी अदालत ने गैंगस्टर काला जठेड़ी को 1 जुलाई 2026 को 4 घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर की।
पैरोल का उद्देश्य उसकी पत्नी अनुराधा चौधरी और आईवीएफ से जन्मे नवजात जुड़वा बच्चों से मुलाकात करना है।
प्रसव के दौरान पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर सी-सेक्शन से डिलीवरी हुई; अदालत ने मेडिकल रिकॉर्ड की जाँच के बाद राहत दी।
मुलाकात के दौरान कड़ी पुलिस सुरक्षा रहेगी; अस्पताल और स्थान की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
काला जठेड़ी के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में 30 से अधिक हत्या, फिरौती व रंगदारी के मामले दर्ज हैं।
इससे पहले 12 मार्च 2024 को विवाह के लिए भी उसे 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी गई थी।

दिल्ली की रोहिणी अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को 1 जुलाई 2026 को 4 घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर की है, ताकि वह पुलिस निगरानी में अपनी पत्नी और नवजात जुड़वा बच्चों से मुलाकात कर सके। अदालत ने यह राहत पूरी तरह मानवीय आधार पर दी है और स्पष्ट किया है कि इसका उसके खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

जुड़वा बच्चों का जन्म और अदालत की जाँच

काला जठेड़ी और उसकी पत्नी अनुराधा चौधरी के जुड़वा बच्चों का जन्म आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है। इस प्रक्रिया के लिए पहले ही अदालत से अनुमति ली जा चुकी थी। प्रसव के दौरान अनुराधा की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों को सी-सेक्शन के जरिए डिलीवरी करानी पड़ी।

पैरोल पर फैसला सुनाने से पहले अदालत ने अस्पताल रिकॉर्ड और मेडिकल दस्तावेजों की स्वतंत्र जाँच कराई। जाँच में जुड़वा बच्चों के जन्म तथा माँ और बच्चों के उपचार की पुष्टि होने के बाद ही यह राहत दी गई।

कड़ी सुरक्षा शर्तें

अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया है कि मुलाकात के पूरे 4 घंटे काला जठेड़ी पुलिस हिरासत और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रहेगा। परिवार की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल तथा मुलाकात के स्थान की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब काला जठेड़ी को इस तरह की राहत मिली हो। 12 मार्च 2024 को अनुराधा चौधरी से विवाह के लिए भी अदालत ने उसे 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी, जिसके दौरान 250 से अधिक पुलिसकर्मी और कमांडो तैनात किए गए थे।

काला जठेड़ी की आपराधिक पृष्ठभूमि

काला जठेड़ी हरियाणा के सोनीपत जिले के जठेड़ी गाँव का मूल निवासी है। 12वीं पास यह शख्स पहले केबल ऑपरेटर का काम करता था। आज उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हत्या, फिरौती, रंगदारी और जमीन पर कब्जे समेत 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के विरुद्ध कानून-प्रवर्तन एजेंसियाँ सख्त कदम उठा रही हैं। काला जठेड़ी का मामला न्यायपालिका के समक्ष मानवीय अधिकारों और सुरक्षा संतुलन की जटिल चुनौती को उजागर करता है।

आगे क्या होगा

अदालत ने साफ किया है कि यह एकमुश्त राहत है और इससे चल रही कानूनी कार्यवाही प्रभावित नहीं होगी। काला जठेड़ी के खिलाफ विभिन्न राज्यों में मामलों की सुनवाई पूर्ववत जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब आरोपी पर 30 से अधिक संगीन मामले हों, तो हर ऐसा निर्णय जन-विश्वास की कसौटी पर कसा जाता है। उल्लेखनीय है कि यह दूसरी बार है जब काला जठेड़ी को कस्टडी पैरोल मिली है, जो एक स्पष्ट न्यायिक नजीर बनती जा रही है। सवाल यह है कि क्या ऐसे मामलों में 'मानवीय आधार' की परिभाषा और सुरक्षा प्रोटोकॉल का मानकीकरण होना चाहिए, ताकि न्याय-प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काला जठेड़ी को कस्टडी पैरोल क्यों दी गई?
रोहिणी अदालत ने मानवीय आधार पर यह राहत दी, ताकि काला जठेड़ी अपनी पत्नी और आईवीएफ प्रक्रिया से जन्मे नवजात जुड़वा बच्चों से मिल सके। प्रसव के दौरान पत्नी की तबीयत बिगड़ी थी और सी-सेक्शन से डिलीवरी हुई थी, जिसकी पुष्टि अदालत ने मेडिकल रिकॉर्ड से की।
कस्टडी पैरोल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी होगी?
अदालत के आदेश के अनुसार, मुलाकात के पूरे 4 घंटे काला जठेड़ी कड़ी पुलिस हिरासत और सुरक्षा घेरे में रहेगा। परिवार की सुरक्षा और निजता के लिए अस्पताल तथा मुलाकात के स्थान की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या इस पैरोल से काला जठेड़ी के खिलाफ मामलों पर असर पड़ेगा?
नहीं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल मानवीय आधार पर है और इसका उसके खिलाफ चल रहे किसी भी आपराधिक मामले की सुनवाई या कानूनी प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
काला जठेड़ी कौन है और उसके खिलाफ क्या मामले हैं?
काला जठेड़ी का असली नाम संदीप है और वह हरियाणा के सोनीपत जिले के जठेड़ी गाँव का रहने वाला है। उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हत्या, फिरौती, रंगदारी और जमीन कब्जे समेत 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
क्या पहले भी काला जठेड़ी को कस्टडी पैरोल मिली है?
हाँ, 12 मार्च 2024 को अनुराधा चौधरी से विवाह के लिए अदालत ने उसे 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी, जिसके दौरान 250 से अधिक पुलिसकर्मी और कमांडो तैनात किए गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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