विजयवाड़ा कस्टोडियल डेथ: सस्पेंड SHO नागराजू को 8 दिन की पुलिस कस्टडी, SIT करेगी पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
विजयवाड़ा की एक अदालत ने गुरुवार, 2 जुलाई को गाडे साईं कृष्णा की कस्टोडियल मौत के मामले में मुख्य आरोपी, कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन के सस्पेंड सर्कल इंस्पेक्टर एस.एस.वी.वी. नागराजू को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। अदालत ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को राजमहेंद्रवरम जेल में जाकर नागराजू से पूछताछ करने का निर्देश दिया, जहाँ वह न्यायिक हिरासत में बंद है।
पूछताछ की शर्तें और अदालत के निर्देश
अदालत ने स्पष्ट किया कि SIT प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नागराजू से उसके वकील की उपस्थिति में पूछताछ कर सकती है। पूरी पूछताछ की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है और पूछताछ समाप्त होने के बाद सभी रिकॉर्ड अदालत में जमा करने होंगे।
मामले की पृष्ठभूमि: क्या हुआ था
25 वर्षीय साईं कृष्णा को 6 मई को मरकापुरम से पुलिस ने उठाया और कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन ले जाया गया। उन पर कुछ मामले और गैर-जमानती वारंट लंबित थे। परिवार का आरोप है कि उन्हें गैर-कानूनी हिरासत में रखा गया, लॉकअप में पीट-पीटकर हत्या की गई और शव को इलेक्ट्रिक श्मशान में नष्ट कर दिया गया।
साईं कृष्णा की माँ विजया लक्ष्मी की शिकायत पर 19 जून को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 127(4), 127(6), 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में उनके बेटे को प्रताड़ित किया गया और मार डाला गया।
SIT की जाँच और अब तक की गिरफ्तारियाँ
इंस्पेक्टर जनरल (कानून-व्यवस्था) एम. रवि प्रकाश की अध्यक्षता में गठित SIT गलत तरीके से हिरासत में रखने, हत्या और सबूत नष्ट करने के आरोपों की जाँच कर रही है। SIT ने 23 जून को नागराजू को गिरफ्तार किया। अगले दिन एक अदालत ने उसे 8 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
बुधवार को SIT ने कॉन्स्टेबल बाबू राव और सांबैया को CCTV सबूत नष्ट करने में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया। ये क्रमशः मामले के पाँचवें और छठे आरोपी हैं। दूसरी ACM अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इनकी गिरफ्तारी के साथ मामले में कुल गिरफ्तारियाँ 6 हो गई हैं।
इससे पहले दो हेड कॉन्स्टेबल अशोक और नानी ने 29 जून (सोमवार) को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था और उन्हें भी न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। SIT नागराजू के कथित मित्र सुरेश से भी पूछताछ कर रही है।
CCTV फुटेज और अदालत में SIT का बयान
SIT ने अदालत को बताया कि साईं कृष्णा की मौत हिरासत में लगी चोटों के कारण हुई। यह भी खुलासा किया गया कि पुलिस स्टेशन की CCTV फुटेज को जान-बूझकर डिलीट कर दिया गया था — जो इस मामले को और गंभीर बनाता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में कस्टोडियल हिंसा के मामलों पर न्यायिक और सामाजिक दबाव बढ़ रहा है।
आगे क्या होगा
SIT अब 8 दिनों में नागराजू से विस्तृत पूछताछ करेगी। मामले में अभी एक और संदिग्ध सुरेश की गिरफ्तारी संभव है। अदालत की निगरानी में चल रही यह जाँच आंध्र प्रदेश में पुलिस जवाबदेही के लिए एक अहम परीक्षण बन गई है।