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आंध्र प्रदेश हिरासत में मौत: साई कृष्णा के परिजनों ने सीएम नायडू से मिलकर माँगा न्याय

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आंध्र प्रदेश हिरासत में मौत: साई कृष्णा के परिजनों ने सीएम नायडू से मिलकर माँगा न्याय

सारांश

विजयवाड़ा के 26 वर्षीय गाडे साई कृष्णा 9 मई से पुलिस हिरासत के बाद लापता हैं। माँ का आरोप है कि प्रताड़ना से हत्या हुई। सीएम नायडू ने निष्पक्ष जाँच का वादा किया, CI निलंबित, FIR दर्ज। विपक्ष ने CBI जाँच की माँग की; हाईकोर्ट ने 29 जून तक पेशी का आदेश दिया।

मुख्य बातें

26 वर्षीय गाडे साई कृष्णा को 9 मई को कृष्णा लंका पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसके बाद से वह लापता हैं।
माँ विजय लक्ष्मी का आरोप है कि हिरासत में प्रताड़ना से उनके बेटे की हत्या की गई।
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने निष्पक्ष जाँच का आश्वासन दिया; सर्किल इंस्पेक्टर नागाराजू निलंबित।
बीएनएस की धारा 127(4), 127(6), 103(1) और 238 के तहत हत्या, अवैध हिरासत और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज।
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने पुलिस को 29 जून तक साई कृष्णा को पेश करने का आदेश दिया है।
पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने मामले की सीबीआई जाँच की माँग की है।

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के कृष्णा लंका इलाके के 26 वर्षीय गाडे साई कृष्णा की कथित पुलिस हिरासत में मौत के मामले में उनके परिजनों ने 20 जून 2025 को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से अमरावती में मुलाकात की और न्याय की गुहार लगाई। साई कृष्णा 9 मई को पुलिस हिरासत में जाने के बाद से लापता हैं और उनकी माँ का आरोप है कि हिरासत में प्रताड़ना से उनकी हत्या की गई।

मुख्यमंत्री से मुलाकात और आश्वासन

साई कृष्णा की माँ विजय लक्ष्मी ने मुख्यमंत्री से अपने बेटे के लापता होने की निष्पक्ष जाँच और न्याय की अपील की। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने उन्हें सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि मामले की व्यापक और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

विजय लक्ष्मी ने मुलाकात के बाद कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके बेटे को न्याय मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर संतोष व्यक्त किया।

मुख्य घटनाक्रम और अब तक की कार्रवाई

9 मई को एक मामले में पूछताछ के लिए कृष्णा लंका पुलिस ने साई कृष्णा को हिरासत में लिया था। उसके बाद से वह घर नहीं लौटे। माँ विजय लक्ष्मी ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसके बाद अदालत ने पुलिस को 15 जून तक साई कृष्णा को पेश करने का आदेश दिया। पुलिस इसमें विफल रही, तो हाईकोर्ट ने 29 जून तक की नई समय-सीमा तय की है।

मुख्यमंत्री नायडू ने 17 जून को मामले की जाँच एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से कराने के आदेश दिए और कृष्णा लंका थाने के सर्किल इंस्पेक्टर नागाराजू को निलंबित किया। विजय लक्ष्मी की शिकायत पर नागाराजू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(4), 127(6), 103(1) और 238 के तहत अवैध हिरासत, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों में मामला दर्ज किया जा चुका है।

जाँच का नेतृत्व

जाँच का नेतृत्व करने के लिए पूर्वी गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक डी. नरसिम्हा किशोर विजयवाड़ा पहुँच चुके हैं। पुलिस ने विजय लक्ष्मी और परिवार के दो अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने विजयवाड़ा जाकर विजय लक्ष्मी से मुलाकात की थी। रेड्डी ने साई कृष्णा के लापता होने और कथित हिरासत में मौत के मामले की सीबीआई जाँच की माँग की है। आलोचकों का कहना है कि यह मामला राज्य में पुलिस जवाबदेही की व्यापक बहस को फिर से केंद्र में ले आया है।

आगे क्या होगा

उच्च न्यायालय का 29 जून का निर्देश पुलिस के लिए निर्णायक परीक्षा होगी। जाँच की दिशा और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की रिपोर्ट यह तय करेगी कि मामले में और गिरफ्तारियाँ होती हैं या नहीं। परिवार और विपक्ष दोनों की नज़रें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ हिरासत में गायब होने के बाद परिवार को न्याय के लिए हाईकोर्ट और मुख्यमंत्री दोनों के दरवाज़े खटखटाने पड़ते हैं। CI का निलंबन और FIR दर्ज होना कार्रवाई के संकेत हैं, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या जाँच उन वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचेगी जिनकी निगरानी में यह घटना हुई। हाईकोर्ट का 29 जून का आदेश और विपक्ष की CBI माँग सरकार पर दोहरा दबाव बना रहे हैं — ऐसे में मुख्यमंत्री का 'दोषियों को नहीं बख्शेंगे' का वादा केवल तभी विश्वसनीय होगा जब जाँच की परिणति दृश्यमान सजा में हो।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाडे साई कृष्णा कौन हैं और वे कब से लापता हैं?
गाडे साई कृष्णा विजयवाड़ा के कृष्णा लंका इलाके के 26 वर्षीय युवक हैं, जिन्हें 9 मई को एक मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया था। उसके बाद से वह घर नहीं लौटे और उनके परिवार का आरोप है कि हिरासत में प्रताड़ना से उनकी मौत हुई।
आंध्र प्रदेश सरकार ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 17 जून को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से जाँच कराने के आदेश दिए और कृष्णा लंका थाने के सर्किल इंस्पेक्टर नागाराजू को निलंबित किया। विजय लक्ष्मी की शिकायत पर नागाराजू के खिलाफ हत्या, अवैध हिरासत और साक्ष्य मिटाने के आरोपों में बीएनएस के तहत FIR भी दर्ज की गई है।
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने इस मामले में क्या आदेश दिया है?
उच्च न्यायालय ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को 15 जून तक साई कृष्णा को पेश करने का निर्देश दिया था। पुलिस के विफल रहने पर अदालत ने 29 जून तक की नई समय-सीमा निर्धारित की है।
विपक्ष ने इस मामले में क्या माँग की है?
पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने विजयवाड़ा जाकर विजय लक्ष्मी से मुलाकात की और मामले की सीबीआई जाँच की माँग की। उनका तर्क है कि राज्य पुलिस द्वारा निष्पक्ष जाँच संभव नहीं है।
साई कृष्णा की माँ ने मुख्यमंत्री से मिलने के बाद क्या कहा?
विजय लक्ष्मी ने मुख्यमंत्री नायडू के आश्वासन पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके बेटे को न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने व्यापक जाँच और दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया है।
राष्ट्र प्रेस
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