10 अगस्त 2026
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आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने विजयवाड़ा लॉकअप मौत मामले में सीबीआई जांच की PIL पर सुनवाई 6 जुलाई तक टाली

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आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने विजयवाड़ा लॉकअप मौत मामले में सीबीआई जांच की PIL पर सुनवाई 6 जुलाई तक टाली

सारांश

विजयवाड़ा में 25 वर्षीय युवक की कथित पुलिस हिरासत में मौत का मामला अब हाईकोर्ट तक पहुँचा है। CBI जांच की PIL पर सुनवाई 6 जुलाई तक टली, जबकि निलंबित SHO नागराजू गिरफ्तार हो चुके हैं और राज्य सरकार की SIT जांच जारी है।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने 24 जून को गाडे साईं कृष्णा की कस्टोडियल मौत में CBI जांच की PIL पर सुनवाई 6 जुलाई तक स्थगित की।
पीड़ित 25 वर्षीय साईं कृष्णा को 9 मई को कृष्णा लंका पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया था; माँ का आरोप — हिरासत में प्रताड़ना से मौत।
निलंबित SHO एस.एस.वी.वी.
नागराजू को मंगलवार को SIT ने गिरफ्तार किया; हत्या, गलत हिरासत और साक्ष्य मिटाने के आरोप।
राज्य सरकार ने IG एम.
रवि प्रकाश की अध्यक्षता में SIT गठित की है; एल.
सुधाकर जांच अधिकारी।
मामला BNS धाराओं 127(4), 127(6), 103(1) और 238 के तहत 19 जून को दर्ज किया गया।

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार, 24 जून को विजयवाड़ा में 25 वर्षीय गाडे साईं कृष्णा की कथित कस्टोडियल मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की माँग करने वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई 6 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। डिवीजन बेंच ने कहा, 'देखते हैं आगे क्या होता है।'

मामले की पृष्ठभूमि

आरोपों के अनुसार, 9 मई को कृष्णा लंका पुलिस ने एक मामले में पूछताछ के लिए साईं कृष्णा को उठाया था। उनकी माँ विजया लक्ष्मी का आरोप है कि उनके बेटे को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया और पुलिस स्टेशन में कस्टोडियल प्रताड़ना का शिकार बनाया गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। विजया लक्ष्मी की शिकायत पर 19 जून को भारत न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 127(4), 127(6), 103(1) और 238 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

एसआईटी का गठन और गिरफ्तारी

राज्य सरकार ने इंस्पेक्टर जनरल (कानून एवं व्यवस्था) एम. रवि प्रकाश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। SIT में वेस्ट गोदावरी के पुलिस अधीक्षक अदनान नईम अस्मी और अल्लूरी सीतारामाराजू के एसपी अमित बरदार सदस्य हैं, जबकि बापटला जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एल. सुधाकर जांच अधिकारी हैं।

SIT गठन के दो दिन बाद, मंगलवार को निलंबित सर्कल इंस्पेक्टर (स्टेशन हाउस ऑफिसर) एस.एस.वी.वी. नागराजू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। SIT उनके विरुद्ध गलत तरीके से हिरासत में रखने, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों की जांच कर रही है।

हाईकोर्ट में सुनवाई

एडवोकेट जनरल ने डिवीजन बेंच को बताया कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों वाली SIT पहले ही गठित कर दी है और जांच सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी निलंबित SHO नागराजू को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए डिवीजन बेंच ने PIL पर अगली सुनवाई 6 जुलाई तक टाल दी।

आरोप और कानूनी पहलू

यह ऐसे समय में आया है जब देश में कस्टोडियल हिंसा के मामलों पर न्यायिक और सार्वजनिक निगरानी बढ़ी है। गौरतलब है कि BNS की धारा 103(1) हत्या और धारा 238 साक्ष्य नष्ट करने से संबंधित है — दोनों गंभीर आरोप जो इस मामले की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हैं। PIL में CBI जांच की माँग इसलिए उठाई गई है, क्योंकि आरोपी स्वयं राज्य पुलिस का अधिकारी है।

आगे क्या होगा

6 जुलाई को अगली सुनवाई में हाईकोर्ट SIT की प्रगति रिपोर्ट का मूल्यांकन करेगा और यह तय करेगा कि CBI जांच की माँग पर विचार किया जाए या नहीं। निलंबित SHO नागराजू को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाना भी अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन PIL में CBI जांच की माँग का मूल सवाल यही है — क्या राज्य पुलिस अपने ही अधिकारी के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर सकती है? हाईकोर्ट का 'देखते हैं आगे क्या होता है' वाला रुख इसी संदेह को दर्शाता है। कस्टोडियल मौतों में राज्य-नियंत्रित SIT की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना स्वाभाविक है, और 6 जुलाई की सुनवाई तय करेगी कि न्यायालय इस जांच पर भरोसा करता है या स्वतंत्र एजेंसी को सौंपता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाडे साईं कृष्णा की कस्टोडियल मौत का मामला क्या है?
25 वर्षीय गाडे साईं कृष्णा को 9 मई को विजयवाड़ा में कृष्णा लंका पुलिस ने एक मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। उनकी माँ विजया लक्ष्मी का आरोप है कि उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने PIL पर सुनवाई क्यों टाली?
एडवोकेट जनरल ने डिवीजन बेंच को बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही वरिष्ठ अधिकारियों की SIT गठित कर दी है और आरोपी SHO को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 6 जुलाई तक स्थगित कर दी।
निलंबित SHO नागराजू पर क्या आरोप हैं?
निलंबित सर्कल इंस्पेक्टर (SHO) एस.एस.वी.वी. नागराजू पर गलत तरीके से हिरासत में रखने, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप हैं। उन्हें SIT ने मंगलवार को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया।
SIT में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं?
SIT की अध्यक्षता IG (कानून एवं व्यवस्था) एम. रवि प्रकाश कर रहे हैं। वेस्ट गोदावरी के SP अदनान नईम अस्मी और अल्लूरी सीतारामाराजू के SP अमित बरदार सदस्य हैं, तथा बापटला के अतिरिक्त SP एल. सुधाकर जांच अधिकारी हैं।
इस मामले में PIL क्यों दायर की गई?
चूँकि आरोपी स्वयं राज्य पुलिस का अधिकारी है, इसलिए याचिकाकर्ता ने निष्पक्ष जांच के लिए CBI से जांच कराने की माँग करते हुए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में PIL दायर की। अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी।
राष्ट्र प्रेस
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