6 अगस्त 2026
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विजयवाड़ा हिरासत मौत: साई कृष्णा केस की जांच के लिए एसआईटी गठित, निलंबित CI नागराजू से पूछताछ जारी

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विजयवाड़ा हिरासत मौत: साई कृष्णा केस की जांच के लिए एसआईटी गठित, निलंबित CI नागराजू से पूछताछ जारी

सारांश

विजयवाड़ा में 25 वर्षीय साई कृष्णा की कथित हिरासत मौत ने आंध्र प्रदेश में पुलिस जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसआईटी गठित, निलंबित सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू से पूछताछ जारी है और उच्च न्यायालय 29 जून को सुनवाई करेगा।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश पुलिस ने 21 जून 2026 को साई कृष्णा की कथित हिरासत मौत की जांच के लिए एसआईटी गठित की।
रवि प्रकाश गाडे एसआईटी का नेतृत्व करेंगे; एल.
सुधाकर जांच अधिकारी नियुक्त।
साई कृष्णा (25 वर्ष) को 9 मई को पूछताछ के लिए उठाया गया था और वह तब से लापता था।
निलंबित सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू पर गैरकानूनी हिरासत, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप; 19 जून को प्राथमिकी दर्ज।
उच्च न्यायालय ने पुलिस को पीड़ित को 29 जून तक पेश करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 17 जून को वरिष्ठ आईपीएस जांच और नागराजू के निलंबन का आदेश दिया था।

आंध्र प्रदेश पुलिस ने विजयवाड़ा में 25 वर्षीय साई कृष्णा की कथित हिरासत में मौत की जांच के लिए 21 जून 2026 को एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है। इंस्पेक्टर जनरल (लॉ एंड ऑर्डर) एम. रवि प्रकाश गाडे इस एसआईटी का नेतृत्व करेंगे। यह मामला तब सामने आया जब साई कृष्णा की माँ गाडे विजया लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पुलिस हिरासत में प्रताड़ित कर मार डाला गया।

एसआईटी का गठन और संरचना

मुख्य सचिव साई प्रसाद द्वारा जारी सरकारी आदेश के अनुसार, वेस्ट गोदावरी के पुलिस अधीक्षक अदनान नईम अस्मी और अल्लूरी सीतारामाराजू के एसपी अमित बरदार एसआईटी के सदस्य होंगे। बापटला जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एल. सुधाकर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

सरकार ने एसआईटी को पुलिस विभाग के विभिन्न विंग से अतिरिक्त कर्मचारी, तकनीकी और फोरेंसिक सहायता लेने का अधिकार दिया है ताकि जांच निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।

मुख्य घटनाक्रम: 9 मई से अब तक

पुलिस ने साई कृष्णा को 9 मई को एक मामले में पूछताछ के लिए उठाया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। उसकी माँ विजया लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को कस्टडी में बुरी तरह पीटा गया और मार दिया गया, और बाद में उसका अंतिम संस्कार भी करा दिया गया।

इस आरोप के बाद जांच दल ने कृष्णा लंका स्थित एक श्मशान घाट से रिकॉर्ड एकत्र किए। अधिकारियों ने 23 से 26 मई के बीच वहाँ अंतिम संस्कार किए गए सभी लावारिस शवों का विवरण जुटाया है।

न्यायिक हस्तक्षेप और कोर्ट के निर्देश

विजया लक्ष्मी ने उच्च न्यायालय में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की, जिस पर कोर्ट ने कृष्णा लंका पुलिस को साई कृष्णा को 15 जून तक पेश करने का निर्देश दिया। पुलिस के ऐसा न कर पाने पर न्यायालय ने अगली तारीख 29 जून तय की।

पिछले सप्ताह द्वितीय अतिरिक्त न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट न्यायालय ने पुलिस को 1 मई से 1 जून के बीच की कृष्णा लंका थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया। साथ ही, साई कृष्णा और उनकी माँ के मोबाइल फोन का उसी अवधि का कॉल डेटा रिकॉर्ड पेश करने का भी निर्देश दिया गया।

आरोपी अधिकारी पर कार्रवाई

एसआईटी कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन के निलंबित सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू के खिलाफ गैरकानूनी हिरासत, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों की जांच करेगी। 19 जून को विजया लक्ष्मी की शिकायत पर नागराजू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

टास्क फोर्स पुलिस सोमवार सुबह से सिंह नगर स्थित नागराजू के आवास पर उनसे पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के बाद निलंबित एसएचओ की गिरफ्तारी की संभावना है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 17 जून को इस मामले में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को जांच का आदेश देते हुए सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू को निलंबित करने का निर्देश दिया था। जांच दल ने अब तक विजया लक्ष्मी सहित कई गवाहों के बयान दर्ज किए हैं और विभिन्न स्थानों से सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में पुलिस हिरासत में मौतों को लेकर जवाबदेही की माँग तेज हो रही है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट और 29 जून को उच्च न्यायालय में होने वाली अगली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें से अधिकांश में दोषसिद्धि नहीं होती। एसआईटी का गठन सकारात्मक कदम है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या श्मशान रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डेटा अदालत में टिकाऊ साक्ष्य बन पाते हैं। बिना त्वरित और पारदर्शी न्यायिक परिणाम के, यह जांच भी उन मामलों की सूची में जुड़ने का जोखिम उठाती है जो वर्षों तक लंबित रहते हैं।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साई कृष्णा हिरासत मौत मामला क्या है?
विजयवाड़ा के 25 वर्षीय साई कृष्णा को 9 मई को कृष्णा लंका पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। उनकी माँ गाडे विजया लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि उन्हें हिरासत में प्रताड़ित कर मार दिया गया और बाद में अंतिम संस्कार करा दिया गया।
एसआईटी में कौन-कौन शामिल हैं और यह क्या जांच करेगी?
एसआईटी का नेतृत्व IG एम. रवि प्रकाश गाडे कर रहे हैं। वेस्ट गोदावरी के एसपी अदनान नईम अस्मी और अल्लूरी सीतारामाराजू के एसपी अमित बरदार सदस्य हैं। यह टीम निलंबित सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू के खिलाफ गैरकानूनी हिरासत, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों की जांच करेगी।
उच्च न्यायालय ने इस मामले में क्या निर्देश दिए हैं?
उच्च न्यायालय ने हेबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को साई कृष्णा को पहले 15 जून और फिर 29 जून तक पेश करने का निर्देश दिया। अदालत ने 1 मई से 1 जून के बीच की थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और कॉल डेटा रिकॉर्ड पेश करने का भी आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 17 जून को एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को जांच का आदेश दिया और सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया। इसके बाद 21 जून को औपचारिक रूप से एसआईटी गठित की गई।
निलंबित सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू की गिरफ्तारी कब होगी?
टास्क फोर्स पुलिस सोमवार सुबह से सिंह नगर स्थित नागराजू के आवास पर उनसे पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ पूरी होने के बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना है, हालांकि कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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