एशियन गेम्स 2026: अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर सेमीफाइनल में, भारत की बड़ी उम्मीदें
सारांश
मुख्य बातें
ऐची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत के अनिमेष कुजूर और राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी गुरिंदरवीर सिंह ने 24 सितंबर, गुरुवार को पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा के हीट दौर में दमदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में दोनों भारतीय धावकों ने अपने-अपने हीट में शीर्ष तीन में जगह बनाकर फाइनल की दौड़ में बने रहने का सपना जीवित रखा है।
हीट में क्या रहा प्रदर्शन
हीट-1 में अनिमेष कुजूर ने 10.36 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। दौड़ के शुरुआती चरण में वे दबाव में दिखे, लेकिन अंतिम 25 मीटर में उन्होंने शानदार गति पकड़ी और तीसरे स्थान पर दौड़ पूरी की। इस हीट में थाईलैंड के पुरिपोल बूनसन ने 9.95 सेकेंड के साथ पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि चीन के केली जेंग 10.22 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
हीट-4 में गुरिंदरवीर सिंह ने 10.38 सेकेंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने शुरुआत से ही अच्छी लय बनाए रखी और पूरी दौड़ में अग्रणी धावकों के साथ कदमताल मिलाते रहे। इस हीट में ओमान के मलहम अल बलूशी ने 10.29 सेकेंड से पहला स्थान हासिल किया, जबकि ईरान के हसन तफ्तियान 10.46 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
क्वालिफिकेशन नियम और दोनों की सेमीफाइनल पहुँच
प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार, प्रत्येक हीट के शीर्ष तीन धावकों को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली। इसके अतिरिक्त, सभी हीटों में से अगले छह सबसे तेज धावकों को भी सेमीफाइनल का टिकट दिया गया। दोनों भारतीय धावकों ने अपने-अपने हीट में शीर्ष तीन में स्थान बनाकर सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
हीट का सबसे चर्चित प्रदर्शन
हीट चरण में सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन थाईलैंड के पुरिपोल बूनसन का रहा, जिन्होंने 9.95 सेकेंड का समय दर्ज किया। यह समय एशियन गेम्स रिकॉर्ड से महज 0.03 सेकेंड पीछे रहा और सेमीफाइनल से पहले उन्हें सबसे प्रबल दावेदार के रूप में स्थापित करता है।
आगे की राह: सेमीफाइनल और फाइनल की संभावनाएँ
पुरुषों की 100 मीटर के सेमीफाइनल शुक्रवार को नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित होंगे। दोनों भारतीय धावकों के पास फाइनल में जगह बनाकर पदक की दौड़ में शामिल होने का सुनहरा अवसर होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय स्प्रिंटिंग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान की तलाश है।