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रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से वार्ता की, कहा- 'रूस शांति में मदद को तत्पर'

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रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से वार्ता की, कहा- 'रूस शांति में मदद को तत्पर'

सारांश

इस्लामाबाद वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद, रूस ने मध्य-पूर्व में शांति प्रयासों में मदद की पेशकश की। राष्ट्रपति पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन से इस विषय पर चर्चा की। जानें क्या कहा पुतिन ने।

मुख्य बातें

रूस ने ईरान के साथ वार्ता में शांति प्रयासों में मदद का आश्वासन दिया।
इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा रही, जिससे दोनों पक्षों के बीच की दरार स्पष्ट हुई।
पुतिन का बयान मध्य-पूर्व में स्थायी शांति की उम्मीद जगाता है।

मास्को, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इस्लामाबाद वार्ता के निष्कर्षहीन रहने के बाद, रूस ने शांति प्रयासों में सकारात्मक भूमिका निभाने की पेशकश की है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की।

रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने रविवार को बताया कि रूस मध्य-पूर्व में शांति समझौता स्थापित करने में मदद करने के लिए तत्पर है।

क्रेमलिन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, "व्लादिमीर पुतिन ने इस संघर्ष का राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान खोजने में और अधिक सहायता करने की इच्छा जताई है, और मध्य-पूर्व में एक न्यायपूर्ण और स्थायी शांति लाने के प्रयासों में मध्यस्थता के लिए भी तैयार हैं।"

इस्लामाबाद की वार्ता विफल रहने के बाद यह बयान महत्वपूर्ण है। 21 घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रही, जहाँ दोनों पक्ष अपनी मांगों पर अडिग रहे। आधिकारिक बयान अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दिया, जबकि ईरान की ओर से संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ ने अपनी बात रखी।

वेंस ने कहा कि बैठक का कोई परिणाम नहीं निकला। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ईरान न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही ऐसी तैयारी करेगा जिससे वह शीघ्रता से हथियार बना सके। उनके अनुसार, इसके परिणाम का प्रभाव अमेरिका पर कम और ईरान पर अधिक पड़ेगा, जिससे उसे नुकसान उठाना पड़ेगा।

वहीं, गालिबाफ ने अपने एक्स पोस्ट के माध्यम से कहा कि बातचीत शुरू होने से पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि ईरान की ओर से नीयत और इच्छा दोनों हैं, लेकिन पिछले दो युद्धों के अनुभवों के कारण विश्वास की कमी है। गालिबाफ ने पाकिस्तान का भी आभार व्यक्त किया।

कई पोस्ट्स में, गालिबाफ ने कहा कि "हमारे पास आवश्यक नीयत और इच्छाशक्ति है, लेकिन पिछले दो युद्धों के अनुभवों के कारण, हमें विरोधी पक्ष पर विश्वास नहीं है।"

गालिबाफ ने भावनात्मक संदेश के अंत में कहा कि ईरान 9 करोड़ लोगों का एक शरीर है—वे सभी वीर लोग जो सर्वोच्च नेता की सलाह मानते हुए सड़कों पर उतरे और अपने बच्चों का समर्थन किया; मैं उनके आशीर्वाद के लिए आभारी हूं।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु इसे वास्तविकता में बदलने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुतिन और पेजेश्कियन की वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्या था?
वार्ता का मुख्य उद्देश्य मध्य-पूर्व में शांति समझौता स्थापित करने में मदद करना था।
इस्लामाबाद वार्ता का परिणाम क्या रहा?
इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा रही, जहाँ दोनों पक्ष अपनी मांगों पर अडिग रहे।
रूस ने शांति प्रयासों में किस प्रकार की मदद का आश्वासन दिया?
रूस ने राजनीतिक और कूटनीतिक हल खोजने में सहायता करने का आश्वासन दिया।
राष्ट्र प्रेस
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