फिनलैंड के राष्ट्रपति ने अजरबैजान को दिया समर्थन, ईरान हमले पर हुई चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- फिनलैंड और अजरबैजान के बीच द्विपक्षीय संबंधों की महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
- ईरान द्वारा किए गए हमले पर फिनलैंड ने समर्थन व्यक्त किया।
- दोनों नेताओं ने सहयोग के नए अवसरों पर विचार किया।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से फोन पर संवाद स्थापित कर मिडिल ईस्ट की स्थिति पर अजरबैजान के प्रति समर्थन प्रकट किया।
इस वार्ता के दौरान, स्टब और अलीयेव ने क्षेत्रीय परिस्थितियों, द्विपक्षीय संबंधों और रूस-यूक्रेन युद्ध समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
फिनलैंड के राष्ट्रपति ने ईरान द्वारा नखचिवान स्वायत्त गणराज्य पर किए गए हालिया हमले के संदर्भ में अजरबैजान के प्रति अपने देश का समर्थन जताया।
अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने इस फोन कॉल और समर्थन के लिए धन्यवाद अदा किया।
बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने अपनी पिछली मुलाकातों की याद ताजा की और द्विपक्षीय संबंधों के विकास पर बातचीत की।
अजरबैजान और फिनलैंड के राष्ट्राध्यक्षों ने सहयोग के नए अवसरों और अन्य आपसी हित के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मैंने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से बात की। हमने ईरान और मिडिल ईस्ट की स्थिति पर चर्चा की। इसके अलावा, यूक्रेन के खिलाफ रूस के हमले पर भी चर्चा हुई। मैंने अजरबैजान के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया। हम संपर्क में रहेंगे।"
गौरतलब है कि पांच मार्च को अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर हमले की सूचना दी थी। उन्होंने बताया, "एक ड्रोन ने नखचिवान स्वायत्त गणराज्य के हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग पर हमला किया, जबकि दूसरा ड्रोन शकराबाद गांव में एक स्कूल के पास गिरा।"
इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन माना गया था।
पिछले सप्ताह इस हमले के बाद अजरबैजान ने ईरान के साथ अपनी सीमा को बंद कर दिया था। नखचिवान अजरबैजान का एक अलग क्षेत्र है, जो ईरान के जरिए उसके सहयोगी रूस से जुड़ता है, और इसे सबसे छोटा जमीनी रास्ता माना जाता है। हालांकि, अजरबैजान ने सोमवार को ईरान के साथ अपनी सीमा को फिर से माल ढुलाई के लिए खोल दिया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से फोन पर बातचीत की थी। अजरबैजान के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, पेजेशकियान ने आश्वासन दिया कि नखिचेवन की घटना में ईरान का कोई हाथ नहीं है और तेहरान इस मामले की जांच कर रहा है।