फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से महत्वपूर्ण मुलाकात
सारांश
Key Takeaways
- फिनलैंड के राष्ट्रपति की राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात हुई।
- भारत और फिनलैंड के बीच संबंध मजबूत हो रहे हैं।
- नवाचार और क्लीन टेक्नोलॉजी पर जोर दिया गया।
- द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने के लिए कई एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
- 2026 में ऐतिहासिक एफटीए समझौता होगा।
नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस दौरान, राष्ट्रपति स्टब ने भारत और फिनलैंड के मजबूत संबंधों के बारे में बात की और कहा कि भारत फिनलैंड को एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार मानता है।
राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि भारत-फिनलैंड के रिश्ते नवाचार, क्लीन टेक्नोलॉजी, शिक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे मुख्य स्तंभों पर आधारित एक ऊर्जावान साझेदारी में बदल गए हैं।
इससे पूर्व, फिनलैंड के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में अपने विचार साझा किए, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी के कूटनीतिक कौशल की सराहना की।
राष्ट्रपति स्टब ने कहा, "भारत दुनिया के सबसे बड़े और प्रभावशाली देशों में से एक है और यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। अब आप यूरोप के लिए एक प्रमुख स्ट्रैटेजिक साझेदार बन चुके हैं।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ द्विपक्षीय बातचीत की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा की। इस दौरान कई एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए, जो भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक कदम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारा बढ़ता सहयोग विकास और साझा समृद्धि को नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है। 2026 के प्रारंभ में एक ऐतिहासिक एफटीए समझौता हुआ, जो व्यापार और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा। डिजिटल तकनीक, बुनियादी ढाँचा, और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्रों में दोनों देश महत्वपूर्ण साझेदार हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि फिनलैंड और भारत के संबंधों का जिक्र करते हुए, नोकिया के मोबाइल फोन और टेलीकॉम नेटवर्क ने करोड़ों भारतीयों को जोड़ा है। फिनलैंड के आर्किटेक्ट के सहयोग से हमने चिनाब नदी पर विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे पुल बनाया है। इसके अलावा, असम के नुमालीगढ़ में दुनिया की सबसे बड़ी असम बायो इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड (एबीईपीएल) रिफाइनरी का निर्माण भी फिनलैंड की साझेदारी से हुआ है।