प्रधानमंत्री मोदी ने शेख मोहम्मद बिन जायद के साथ पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की और ईद की शुभकामनाएं दीं
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद की वार्ता से पश्चिम एशिया की स्थिति पर ध्यान केंद्रित हुआ।
- भारत ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की।
- निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया गया।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवागमन की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की गई।
- क्षेत्र में स्थिरता के लिए मिलकर काम करने का आश्वासन दिया गया।
नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से संवाद किया और उन्हें ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
इस वार्ता के दौरान, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चर्चा की और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।
भारत ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने अपने भाई, महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान, यूएई के राष्ट्रपति, से बातचीत की और उन्हें ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। यूएई पर हुए हमलों की निंदा की, जिनमें निर्दोष लोगों की जान गई और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। हमने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने के महत्व पर सहमति व्यक्त की। हम क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"
ज्ञात हो कि हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह में एक पेट्रोलियम सुविधा केंद्र पर ड्रोन हमला किया गया था। इस हमले के बाद लगी आग पर सोमवार को काफी मुश्किलों के बाद काबू पाया गया। फुजैराह मीडिया के अनुसार, हाल के दिनों में क्षेत्र को तीन बार निशाना बनाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह आग ऑयल इंडस्ट्री जोन में लगी थी। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। स्थानीय सिविल डिफेंस टीमों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और आग पर नियंत्रण पाया।
फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री जोन जहाजों में ईंधन भरने का एक रणनीतिक केंद्र है और यूएई के कच्चे तेल के निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण टर्मिनल है। यह हॉर्मुज की खाड़ी के बाहर स्थित है और वैश्विक तेल आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यूएई और अन्य गल्फ देशों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जो अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाइयों से जुड़े क्षेत्रीय तनाव के कारण हो रहे हैं।