फुजैराह पोर्ट हमला: भारत समेत कई देशों ने की निंदा, यूएई बोला- 'एकजुटता के लिए आभार'
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर मोहम्मद गर्गश ने फुजैराह पोर्ट पर हुए कथित हमले की निंदा करने वाले अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया है। 5 मई को सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने खाड़ी, अरब और वैश्विक देशों की एकजुटता को सराहनीय बताया तथा ईरान पर इस हमले का आरोप लगाते हुए इसे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा करार दिया।
हमले का ब्यौरा
अधिकारियों के अनुसार, सोमवार रात हुए इस कथित हमले में फुजैराह स्थित ऑयल इंडस्ट्री जोन में भीषण आग लग गई। यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने 19 हमलावर उपकरणों — ड्रोन और मिसाइलों — को मार गिराया, लेकिन एक ड्रोन के हमले में लगी आग से तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। गौरतलब है कि फुजैराह खाड़ी क्षेत्र का एक प्रमुख ऊर्जा पारगमन केंद्र है और होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित होने के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
भारत की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि नागरिकों और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने यूएई के साथ एकजुटता जताते हुए कूटनीतिक समाधान और क्षेत्रीय शांति की आवश्यकता पर जोर दिया। मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया — यह उल्लेखनीय है क्योंकि भारत अपनी तेल ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है।
यूरोपीय और पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए यूएई के साथ समर्थन जताया और ईरान से क्षेत्र में संघर्ष विराम बनाए रखने के लिए वार्ता का आह्वान किया। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि यूएई एक बार फिर ईरानी हमलों का शिकार बना है। उन्होंने तेहरान से बातचीत की मेज पर लौटने, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी समाप्त करने और परमाणु हथियारों से दूर रहने की अपील की। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी इस घटना की आलोचना की और कहा कि उनका देश खाड़ी क्षेत्र में अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
क्षेत्रीय तनाव का संदर्भ
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी क्षेत्र में ईरान और पश्चिमी देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव चरम पर है। आलोचकों का कहना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव और बढ़ा, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। गर्गश ने स्पष्ट किया कि ऐसे कृत्य न केवल यूएई बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चुनौती हैं।
आगे क्या होगा
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की एकजुट प्रतिक्रिया के बीच कूटनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है। यूएई के अधिकारी हमले की जाँच जारी रखे हुए हैं, जबकि वैश्विक ऊर्जा बाज़ार इस घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र बनाए हुए हैं।