यूएई पर ईरानी हमले की PM मोदी ने कड़ी निंदा की, 3 भारतीय घायल; विश्व नेताओं ने एकजुटता जताई
सारांश
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने यूएई को एक बार फिर निशाना बनाया — इस बार तीन भारतीय नागरिक भी घायल हुए। PM मोदी से लेकर जर्मनी, कनाडा, ब्रिटेन और यूरोपीय काउंसिल तक — दुनिया एकजुट होकर ईरान की भर्त्सना कर रही है और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रही है।
मुख्य बातें
PM नरेंद्र मोदी ने 5 मई 2026 को यूएई पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की।
हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए; भारत ने यूएई के साथ पूर्ण एकजुटता जताई।
मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित नेविगेशन को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया।
यूरोपीय काउंसिल अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा , जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज , कनाडाई PM मार्क कार्नी और ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर ने भी हमलों की भर्त्सना की।
सभी नेताओं ने ईरान से बातचीत की मेज पर लौटने और मिडिल ईस्ट में सीजफायर बनाए रखने की अपील की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 मई 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के पोर्ट पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की और स्पष्ट किया कि आम नागरिकों तथा नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए, जिसके बाद भारत ने यूएई के साथ अपनी एकजुटता दोहराई। वैश्विक स्तर पर भी कई शीर्ष नेताओं ने इन हमलों की भर्त्सना करते हुए ईरान से कूटनीतिक रास्ते पर लौटने की अपील की।
PM मोदी का बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह कूटनीतिक दबाव ईरान की रणनीतिक गणनाओं को बदल पाएगा — पिछले अनुभव इस पर संशय पैदा करते हैं।
RashtraPress
14 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यूएई पर हुए हमले में भारत को क्या नुकसान हुआ?
यूएई के पोर्ट पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए यूएई के साथ भारत की एकजुटता जताई।
PM मोदी ने यूएई हमले पर क्या कहा?
PM मोदी ने कहा कि आम लोगों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना मंजूर नहीं है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित नेविगेशन को क्षेत्रीय शांति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी बताया और बातचीत व कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया।
यूएई पर हमले की किन-किन देशों ने निंदा की?
भारत के अलावा यूरोपीय काउंसिल, जर्मनी, कनाडा और ब्रिटेन ने हमलों की कड़ी निंदा की। सभी नेताओं ने ईरान से मिडिल ईस्ट में सीजफायर बनाए रखने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
होर्मुज स्ट्रेट का भारत के लिए क्या महत्व है?
होर्मुज स्ट्रेट वह प्रमुख जलमार्ग है जिससे भारत सहित दुनिया के कई देशों को तेल और ऊर्जा आपूर्ति होती है। PM मोदी ने इसे क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया।
जर्मनी के चांसलर ने ईरान से क्या माँग की?
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ईरान से बातचीत की मेज पर वापस आने, होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी खत्म करने और परमाणु हथियार कार्यक्रम छोड़ने की माँग की। उन्होंने साझेदार देशों के खिलाफ किसी भी आगे की धमकी या हमले को अस्वीकार्य बताया।