विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अबू धाबी में रीम अल हाशिमी से मुलाकात, भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिति पर हुई अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 7 मई 2026 को अबू धाबी में यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों की राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के पूरे दायरे की समीक्षा की और सहयोग के नए संभावित क्षेत्रों की पहचान की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब फुजैरा में हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए थे।
मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान में कहा, "दोनों पक्षों ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के पूरे दायरे की समीक्षा की और आगे सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान की। उन्होंने मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की, जो दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं।" यह वार्ता द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
फुजैरा हमला और भारत की प्रतिक्रिया
इसी सप्ताह फुजैरा में हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए लिखा, "यूएई पर हुए हमलों की मैं कड़ी निंदा करता हूं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बिल्कुल अस्वीकार्य है।" मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही को क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया।
यूएई का ईरान पर आरोप
यूएई के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें "ईरान की ओर से बिना उकसावे के की गई नई आक्रामक कार्रवाई" करार दिया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण नागरिक इलाकों और सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है।
भारतीय दूतावास की सक्रियता
भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है, ताकि घायल भारतीय नागरिकों को समुचित चिकित्सा सहायता और सहयोग मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के साथ भारत की एकजुटता व्यक्त करते हुए सभी मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-यूएई संबंध व्यापार, ऊर्जा और प्रवासी समुदाय के स्तर पर लगातार मजबूत हो रहे हैं।
आगे क्या होगा
विक्रम मिस्री की इस यात्रा से स्पष्ट है कि भारत क्षेत्रीय तनाव के बीच कूटनीतिक संवाद को प्राथमिकता दे रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत आने वाले समय में सहयोग के नए क्षेत्रों पर ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है।