पश्चिम एशिया संकट: विदेश मंत्रालय ने कहा — भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, उड़ानें और नाविक सुरक्षित
सारांश
पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत का विदेश मंत्रालय सतर्क है। UAE का हवाई क्षेत्र खुला है, सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और एक विशेष नियंत्रण कक्ष नागरिकों की मदद के लिए चौबीसों घंटे कार्यरत है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर जारी गतिरोध वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे बड़ा जोखिम बना हुआ है।
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (गल्फ) असीम आर.
महाजन ने 4 मई 2026 को अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पश्चिम एशिया की स्थिति की जानकारी दी।
यूएई का हवाई क्षेत्र पूर्णतः खुला; सऊदी अरब और ओमान से उड़ानें जारी; कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला।
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित ; पत्तन एवं पोत परिवहन मंत्रालय भारतीय मिशनों के साथ समन्वय में।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने पुष्टि की — देश में ईंधन की कोई कमी नहीं , बिजली आपूर्ति सामान्य।
ईरान-अमेरिका के बीच 40 दिन के संघर्ष के बाद 8 अप्रैल को सीजफायर; 11-12 अप्रैल की वार्ता बेनतीजा रही।
MEA का विशेष नियंत्रण कक्ष भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए सक्रिय।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार, 4 मई 2026 को स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच मंत्रालय पूरे घटनाक्रम पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है और उसका पूरा ध्यान इस क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा एवं कल्याण सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने उड़ानों की स्थिति, नाविकों की सुरक्षा और ईंधन आपूर्ति को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान
विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (गल्फ) असीम आर. महाजन ने ब्रीफिंग में कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
परंतु 'नियंत्रण कक्ष सक्रिय है' जैसे आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य पर गतिरोध यदि लंबा खिंचा, तो भारत की तेल आयात लागत और घरेलू ईंधन कीमतें सीधे प्रभावित होंगी — जिसका उल्लेख आधिकारिक ब्रीफिंग में उल्लेखनीय रूप से अनुपस्थित रहा। सरकार को पारदर्शी निकासी योजना और क्षेत्रवार जोखिम आकलन सार्वजनिक करना चाहिए, न कि केवल 'स्थिति पर नजर है' तक सीमित रहना।
RashtraPress
14 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पश्चिम एशिया संकट में भारत सरकार क्या कदम उठा रही है?
विदेश मंत्रालय ने एक समर्पित विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है जो भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों के प्रश्नों का उत्तर दे रहा है। मंत्रालय राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भी निरंतर समन्वय में है।
क्या खाड़ी देशों से भारत के लिए उड़ानें जारी हैं?
हाँ, UAE का हवाई क्षेत्र पूरी तरह खुला है और भारतीय तथा UAE की एयरलाइंस उड़ानें संचालित कर रही हैं। सऊदी अरब और ओमान से भी उड़ानें जारी हैं, जबकि कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है।
ईरान-अमेरिका संघर्ष की ताज़ा स्थिति क्या है?
ईरान और अमेरिका के बीच करीब 40 दिनों के संघर्ष के बाद 8 अप्रैल को सीजफायर की घोषणा हुई। 11-12 अप्रैल को पहले दौर की वार्ता हुई, लेकिन 21 घंटे बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला; वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देश आमने-सामने हैं।
क्या भारत में ईंधन की कमी होगी?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और बिजली आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। हालाँकि, होर्मुज जलडमरूमध्य पर गतिरोध लंबा खिंचने पर स्थिति की समीक्षा की जा सकती है।
खाड़ी क्षेत्र में फँसे भारतीय नागरिक मदद के लिए कहाँ संपर्क करें?
विदेश मंत्रालय ने एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है जो भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए कार्यरत है। इसके अलावा, संबंधित देशों में भारतीय दूतावास और मिशन भी सहायता प्रदान कर रहे हैं।