फुजैराह में पेट्रोलियम सुविधा केंद्र पर ड्रोन हमले के बाद आग पर काबू पाया गया
सारांश
Key Takeaways
- फुजैराह में ड्रोन हमले के बाद आग पर काबू पाया गया।
- कोई भी घायल नहीं हुआ है।
- फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री जोन की वैश्विक तेल आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका है।
- अधिकारियों ने अफवाहें फैलाने से बचने की अपील की है।
- यूएई और गल्फ देशों को लगातार सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
दुबई, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह स्थित पेट्रोलियम सुविधा केंद्र पर ड्रोन हमले के पश्चात आग पर नियंत्रण पा लिया गया है। यह घटना सोमवार को हुई।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह आग ऑयल इंडस्ट्री जोन में लगी थी, लेकिन इसमें किसी के घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। स्थानीय सिविल डिफेंस टीमों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी और आग को बुझाने में सफलता प्राप्त की।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, फुजैराह मीडिया ऑफिस ने बताया कि हाल के दिनों में इस क्षेत्र को तीन बार निशाना बनाया गया है।
फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री जोन जहाजों में ईंधन भरने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और यूएई के कच्चे तेल के निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण टर्मिनल है। यह हॉर्मुज की खाड़ी के निकट स्थित है और वैश्विक तेल आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और अफवाहें फैलाने से बचें। उन्होंने कहा कि स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखी जा रही है और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
यूएई और अन्य गल्फ देशों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जो अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाइयों के कारण उत्पन्न क्षेत्रीय तनाव के चलते हो रहा है।
इस बीच, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद ने सोमवार को फोन पर क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की, जिसमें बढ़ती सैन्य कार्रवाइयां और उनका क्षेत्रीय एवं वैश्विक सुरक्षा पर प्रभाव शामिल था।
एमिरेट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, दोनों पक्षों ने सैन्य तनाव को तुरंत समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया और चेतावनी दी कि यह क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों को सुलझाने और शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने का महत्व भी बताया।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद से गल्फ देशों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की लहरों का सामना किया है। यूएई ने अब तक 1,500 से अधिक ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है।