औद्योगिक शांति और निवेश का माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: नंदी
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रदेश सरकार सजग है। नंद गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि जो लोग प्रदेश की औद्योगिक शांति और निवेश के माहौल के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने गौतमबुद्ध नगर में हुए औद्योगिक श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक विकास में एक मिसाल कायम की है। आज प्रदेश देश के 'ग्रोथ इंजन' के रूप में उभर रहा है, जिसमें निवेशकों के साथ-साथ श्रमिकों और कामकाजी लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर' बताते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से जुड़े कुछ अराजक तत्व ऐसे प्रदर्शनों की आड़ में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। प्रारंभिक संकेतों से यह भी पता चलता है कि कुछ संदिग्ध तत्व अफवाहों के जरिए श्रमिकों को भड़काने का काम कर रहे हैं।
मंत्री नंदी ने कहा कि गठित समिति श्रमिक संगठनों, उद्योग समूहों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रही है। सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा के बाद जल्द ही इस मुद्दे का संतुलित और स्थायी समाधान निकाला जाएगा। पिछले ९ वर्षों में प्रदेश सरकार ने उद्योग और व्यापार के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार किया है, जिसके परिणामस्वरूप देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश किया है। राज्य 'वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
मंत्री ने चेतावनी दी कि प्रदेश की औद्योगिक पहचान और शांति व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी असामाजिक तत्व के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की है।