भारत-फ्रांस सहयोग पर चर्चा के लिए विक्रम मिस्री और मार्टिन ब्रिएन्स की महत्वपूर्ण बैठक

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भारत-फ्रांस सहयोग पर चर्चा के लिए विक्रम मिस्री और मार्टिन ब्रिएन्स की महत्वपूर्ण बैठक

सारांश

विदेश सचिव विक्रम मिस्री और फ्रांसीसी महासचिव मार्टिन ब्रिएन्स के बीच हुई बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। इस महत्वपूर्ण वार्ता में द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख पहलुओं पर भी विचार किया गया।

Key Takeaways

  • भारत-फ्रांस द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना
  • वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा
  • संघर्षविराम समझौते का पालन करने का महत्व
  • आर्थिक असंतुलनों से निपटने के उपाय
  • सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के महासचिव मार्टिन ब्रिएन्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर गहन चर्चा की गई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर साझा करते हुए कहा, "विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के महासचिव मार्टिन ब्रिएन्स के साथ भारत-फ्रांस विदेश कार्यालय परामर्श की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान असैन्य परमाणु ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष, साइबर और डिजिटल सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नवाचार, तथा सांस्कृतिक संबंधों जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।"

इस अवसर पर पेरिस में फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री, जीन-नोएल बैरोट ने भी मिस्री से मुलाकात की।

फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास ने 'एक्‍स' पर लिखा, "विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री एच.ई. जीन-नोएल बैरोट से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग, मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति और वैश्विक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।"

यह बैठक अमेरिका-ईरान की इस्लामाबाद वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के संदर्भ में हुई है।

मंत्री और विदेश सचिव ने ईरान और अमेरिका के बीच संघर्षविराम समझौते का पालन करने और कूटनीति के माध्यम से युद्ध का शीघ्र और स्थायी समाधान खोजने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के तरीकों पर भी चर्चा की।

चूंकि भारत, फ्रांस की जी7 अध्यक्षता में सहयोग कर रहा है, इसलिए उन्होंने ऐसे उपायों पर चर्चा की, जो दोनों देशों को प्रमुख आर्थिक असंतुलनों से निपटने और बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।

विदेश सचिव मिस्री रविवार को भारत-फ्रांस फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन (एफओसी) के लिए पेरिस पहुंचे। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, वे फ्रांस के विदेश मंत्रालय के महासचिव मार्टिन ब्रिएन्स के साथ इस परामर्श मंडल की सह-अध्यक्षता करेंगे। दोनों पक्ष रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, साइबर और डिजिटल सुरक्षा, एआई, नवाचार, लोगों के बीच संबंध और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में चर्चा करेंगे। इसके अलावा, नवीनतम वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श होगा।

Point of View

जो न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में सहायक है, बल्कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत और फ्रांस के बीच किस विषय पर चर्चा हुई?
बैठक में असैन्य परमाणु ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा, एआई और सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा की गई।
बैठक में कौन-कौन से नेता शामिल थे?
बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और फ्रांसीसी महासचिव मार्टिन ब्रिएन्स के साथ-साथ मंत्री जीन-नोएल बैरोट भी शामिल थे।
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