चीन की ग्रामीण अर्थव्यवस्था 2025 के पहले छमाही में 3.7% बढ़ी, ग्रीष्मकालीन अनाज उत्पादन ऐतिहासिक ऊंचाई पर
सारांश
मुख्य बातें
चीन के उप कृषि एवं ग्रामीण मामला मंत्री चांग शिंगवांग ने 26 जुलाई 2025 को राज्य परिषद के सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 2025 के पहले छमाही में चीन की ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्थिर गति से आगे बढ़ी, जिसने समग्र राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत आधार प्रदान किया। प्राथमिक उद्योग का अतिरिक्त मूल्य साल दर साल 3.7 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जो कृषि क्षेत्र में निरंतर सुधार का संकेत है।
ग्रीष्मकालीन अनाज उत्पादन ऐतिहासिक ऊंचाई पर
मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार इस वर्ष चीन का ग्रीष्मकालीन अनाज उत्पादन 15,074.5 करोड़ किलोग्राम की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुँचा। यह आँकड़ा न केवल खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दर्शाता है कि कृषि आधुनिकीकरण की नीतियाँ ज़मीनी स्तर पर असर दिखा रही हैं। गौरतलब है कि चीन पिछले कई वर्षों से अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता आया है।
ग्रामीण आय और निवेश में वृद्धि
पहली छमाही में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति डिस्पोजेबल आय 12,699 युवान रही, जो साल दर साल 5.5 प्रतिशत अधिक है। विशेष रूप से उल्लेखनीय यह है कि गरीबी-मुक्त घोषित जिलों के किसानों की डिस्पोजेबल आय की वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रही, जो ग्रामीण असमानता को कम करने की दिशा में सकारात्मक संकेत है। प्राथमिक उद्योग में निश्चित संपत्ति निवेश साल दर साल 0.9 प्रतिशत बढ़ा।
पशुपालन और जलीय उत्पादन के आँकड़े
देशभर में सुअर, गाय, बकरी और पोल्ट्री का कुल मांस उत्पादन 5 करोड़ 5 लाख टन रहा, जो साल दर साल 4.3 प्रतिशत अधिक था। जलीय उत्पादों का उत्पादन 3 करोड़ 51 लाख 20 हज़ार टन दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.4 प्रतिशत अधिक है। सब्जियों और फलों की आपूर्ति भी इस दौरान स्थिर बनी रही।
आगे की योजना
मंत्री चांग शिंगवांग ने बताया कि आगामी चरण में कृषि एवं ग्रामीण मामले मंत्रालय अनाज उत्पादन को प्राथमिकता देता रहेगा और गरीबी उन्मूलन की उपलब्धियों को सुदृढ़ करेगा। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों की परिस्थितियों के अनुसार रोज़गार और आवास दोनों को ध्यान में रखते हुए सुंदर एवं समृद्ध गाँवों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपनी घरेलू खपत को बढ़ावा देने और शहर-ग्रामीण अंतर को पाटने पर विशेष ज़ोर दे रहा है।