चीन की कृषि अर्थव्यवस्था में 2026 की पहली तिमाही में जबरदस्त उछाल, ग्रामीण आय 5.4%25 बढ़ी
सारांश
Key Takeaways
- 2026 की पहली तिमाही में चीन की कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था ने सकारात्मक विकास की गति बनाए रखी।
- मांस उत्पादन 2 करोड़ 66 लाख 20 हजार टन रहा, जो पिछले वर्ष से 4.8%25 अधिक है।
- दूध उत्पादन 92 लाख 20 हजार टन (3.4%25 वृद्धि) और मत्स्य उत्पादन 1 करोड़ 54 लाख 71 हजार टन (4.3%25 वृद्धि) दर्ज हुआ।
- ग्रामीण निवासियों की प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय में 5.4%25 की वास्तविक वृद्धि हुई।
- प्राथमिक क्षेत्र में स्थिर पूंजी निवेश 15.9%25 बढ़ा; ग्रामीण खुदरा बिक्री 3.1%25 बढ़ी।
- गरीबी उन्मूलन के तहत 10 अरब 13 करोड़ युआन ऋण सहायता के रूप में वितरित किए गए।
बीजिंग, 24 अप्रैल 2026 — चीन की कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था ने वर्ष 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में सकारात्मक और स्थिर विकास की गति बनाए रखी है। चीनी राज्य परिषद सूचना कार्यालय द्वारा पेइचिंग में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कृषि एवं ग्रामीण मामलों के मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी साझा की। ग्रामीण पुनरुद्धार कार्यक्रम को भी व्यवस्थित और ठोस तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
खाद्यान्न उत्पादन की मजबूत नींव
चीन में खाद्यान्न और तिलहन उत्पादन की बुनियाद इस तिमाही में भी सुदृढ़ बनी रही। सर्दियों की गेहूं फसल सामान्य स्थिति में पहुंच चुकी है और रेपसीड का रकबा स्थिर रहने के साथ उसकी पैदावार भी संतोषजनक रही।
वसंत ऋतु की बुवाई का कार्य सुचारू गति से जारी है और अब तक कुल निर्धारित बुवाई का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरा किया जा चुका है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रगति पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर मानी जा रही है।
'रसोई की टोकरी' उत्पादों में उल्लेखनीय वृद्धि
चीन में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले 'रसोई की टोकरी' कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले उत्पादों की आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है। पहली तिमाही में सूअर, गोवंश, भेड़ और मुर्गी के मांस का कुल उत्पादन 2 करोड़ 66 लाख 20 हजार टन रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.8 प्रतिशत अधिक है।
दूध उत्पादन इस अवधि में 92 लाख 20 हजार टन दर्ज किया गया, जिसमें 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मत्स्य उत्पादन 1 करोड़ 54 लाख 71 हजार टन रहा, जो 4.3 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, सब्जियों और फलों की आपूर्ति भी स्थिर बनी हुई है।
गरीबी उन्मूलन और रोजगार सहायता
ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत नियमित और लक्षित सहायता योजनाएं लागू हैं। औद्योगिक और रोजगार सहायता कार्यक्रम निरंतर जारी हैं। पहली तिमाही में ऋण सहायता के रूप में 10 अरब 13 करोड़ युआन वितरित किए गए, जिससे सहायता प्राप्त परिवारों की रोजगार स्थिति स्थिर बनी हुई है।
यह उल्लेखनीय है कि चीन ने पिछले एक दशक में 80 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है और अब ग्रामीण पुनरुद्धार के नए चरण में यह सहायता तंत्र और अधिक परिष्कृत हो रहा है।
कृषि उद्योग और निवेश में तेज उछाल
औद्योगिक क्षेत्र में कृषि-खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के मूल्यवर्धन में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कृषि उत्पादों की ऑनलाइन खुदरा बिक्री में भी तेजी आई है और ग्रामीण उद्योगों का विकास संतोषजनक रहा है।
ग्रामीण निवासियों की प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय में 5.4 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि दर्ज की गई, जो ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार का प्रत्यक्ष संकेत है। निवेश के मोर्चे पर प्राथमिक क्षेत्र में स्थिर पूंजी निवेश 15.9 प्रतिशत बढ़ा है — यह आंकड़ा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
उच्च मानक कृषि भूमि निर्माण और सुविधा कृषि के आधुनिकीकरण जैसी परियोजनाएं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाई जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता वस्तुओं की खुदरा बिक्री 3.1 प्रतिशत बढ़ी है, जिससे ग्रामीण उपभोग क्षमता को नई गति मिली है।
वैश्विक संदर्भ और भारत के लिए सबक
वैश्विक व्यापार तनाव और अमेरिका-चीन टैरिफ विवाद के बीच चीन का यह कृषि प्रदर्शन उसकी आंतरिक खाद्य सुरक्षा रणनीति की मजबूती को दर्शाता है। आंकड़ों के अनुसार, चीन अपनी कृषि आत्मनिर्भरता को बाहरी दबावों से बचाने के लिए घरेलू उत्पादन और ग्रामीण निवेश को प्राथमिकता दे रहा है।
तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो भारत भी इसी दिशा में प्रयासरत है, लेकिन ग्रामीण आय वृद्धि और कृषि निवेश के मामले में अभी भी अंतर बना हुआ है। आगे की तिमाहियों में चीन के ये आंकड़े और भी स्पष्ट तस्वीर पेश करेंगे।
(साभार — चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)