क्या अखिलेश यादव ने अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण को लेकर यूपी सरकार पर निशाना साधा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अखिलेश यादव ने अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण को लेकर यूपी सरकार पर निशाना साधा?

सारांश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े घटनाक्रम को लेकर यूपी सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं, जो सियासी हलचल को और बढ़ा सकते हैं। जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं।
कन्नौज में फर्जी मतदाता पाए जाने का दावा।
जातिगत जनगणना की कमी पर ध्यान आकर्षित किया गया।
आपातकालीन सेवाओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई।

लखनऊ, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से संबंधित घटनाक्रम पर उत्तर प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया।

उन्होंने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कालनेमि का स्मरण करने वालों से पूछना है कि कलयुग का कालनेमि कौन है। कालनेमि काल बनकर आता है।”

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर रही है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संदर्भ में चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर के तहत जिन व्यक्तियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, उनकी जानकारी राजनीतिक दलों को क्यों नहीं दी जा रही है? चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। अधिकारी चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रहे हैं।

सपा प्रमुख ने कहा कि उन्हें विश्वास दिलाया गया था कि एसआईआर के बाद मतदाता सूची में कोई भी नाम नहीं छूटेगा, लेकिन उपचुनाव के दौरान स्थिति कुछ और ही रही। उन्होंने आरोप लगाया कि उपचुनाव में वोटों की लूट की गई थी और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि फुटेज किसी भी राजनीतिक दल को नहीं दी जाएगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर के माध्यम से कई प्रकार की साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) की ट्रेनिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस प्रकार से प्रशिक्षण दिया गया, उसमें कई बीएलओ की जान चली गई, लेकिन इस पर कोई जवाबदेही तय नहीं की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में एक ही नाम से दो-दो वोट बनाए जा रहे हैं और डुप्लीकेट डाटा डाला जा रहा है। अखिलेश ने कन्नौज सदर विधानसभा सीट का हवाला देते हुए दावा किया कि वहां लगभग 200 फर्जी मतदाता पाए गए हैं।

सपा प्रमुख ने मांग की कि चुनाव आयोग राजनीतिक दलों का सहयोग करे और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने आधार के माध्यम से मतदाता सूची को जोड़ने और डुप्लीकेट वोटरों पर रोक लगाने की मांग भी की।

अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईएआर को लेकर जनता में भ्रम फैलाया जा रहा है और यह प्रक्रिया एसआईआर कम, एनआरसी जैसी ज्यादा प्रतीत हो रही है, जिसमें लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का उनसे लगातार संपर्क बना हुआ है और उनसे बातचीत हो रही है। वे असली सनातनी हैं और सरकार को इस पूरे मामले में संयम और संवेदनशीलता से कार्य करना चाहिए।

अखिलेश यादव ने जातिगत जनगणना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर जनगणना की बात की जा रही है, लेकिन सभी जातियों की सही और पूर्ण गणना नहीं कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके घर की पहली रोटी गाय को दी जाती है।

उन्होंने दावा किया कि कन्नौज में देश का पहला काऊ मिल्क प्लांट समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान लगाया गया था, जिसे मौजूदा सरकार ने बंद कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार गाय और गौ-सेवा के मुद्दे पर केवल दिखावा कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर गाय का दूध खरीदा जाएगा और जनता में वितरित किया जाएगा।

अखिलेश यादव ने नोएडा में हुई हालिया सड़क दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि डायल-१०० जैसी आपातकालीन सेवा को कमजोर कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ऐसी सेवाओं को बर्बाद किया जाएगा, तो ऐसी घटनाएं होंगी। उन्होंने मांग की कि इस मामले में सबसे पहले बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, क्योंकि एक पिता के सामने उसके बेटे की जान चली गई।

इसके अलावा, उन्होंने कोविड टीकाकरण के बाद स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े मुद्दे पर कहा कि वैक्सीन लगने के बाद होने वाली मौतों और बीमारियों के आंकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए और इस पर व्यापक अध्ययन होना चाहिए। केजीएमयू से मजार हटाने के सवाल पर कहा कि सरकार को केजीएमयू भी हटवा देना चाहिए, क्योंकि इसे क्रिश्चियन ने बनाया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने किस मुद्दे पर सरकार पर आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर आरोप लगाए।
क्या चुनाव आयोग पर उठाए गए सवाल गंभीर हैं?
हाँ, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गए सवाल लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अखिलेश यादव ने किस प्रकार की साजिशों का जिक्र किया?
उन्होंने एसआईआर के माध्यम से कई प्रकार की साजिशों का जिक्र किया।
कन्नौज में क्या हुआ है?
अखिलेश यादव ने कन्नौज में लगभग 200 फर्जी मतदाताओं का दावा किया।
जातिगत जनगणना के मुद्दे पर अखिलेश यादव का क्या कहना है?
उन्होंने जातिगत जनगणना की बात की, लेकिन सही और पूर्ण गणना की कमी की ओर इशारा किया।
राष्ट्र प्रेस