ओडिशा CM माझी का 'दो-तटीय मॉडल' का आह्वान, ₹83 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों के साथ पूर्वी तट को बनाएंगे विकास का इंजन

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ओडिशा CM माझी का 'दो-तटीय मॉडल' का आह्वान, ₹83 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों के साथ पूर्वी तट को बनाएंगे विकास का इंजन

सारांश

ओडिशा के CM माझी का गुजरात दौरा महज़ एक अध्ययन यात्रा नहीं थी — यह एक रणनीतिक संदेश था। 'दो-तटीय मॉडल' के ज़रिए उन्होंने भारत के औद्योगिक नक्शे को पुनर्परिभाषित करने की माँग की और ₹83 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों के साथ ओडिशा को पूर्वी तट के विकास के प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित किया।

मुख्य बातें

CM मोहन चरण माझी ने 6 मई 2026 को मुंद्रा, गुजरात में उद्योग नेताओं के सामने 'दो-तटीय रणनीति' का प्रस्ताव रखा।
ओडिशा सरकार ने ₹83 लाख करोड़ के 433 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
₹28 लाख करोड़ की 148 परियोजनाएँ पहले से ही क्रियान्वयन के चरण में हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मुंद्रा बंदरगाह की कंटेनर जेटी, VLCC जेटी , तांबा निर्माण इकाई और सौर-पवन ऊर्जा सुविधाओं का दौरा किया।
उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन और वरिष्ठ राज्य अधिकारी भी इस तीन दिवसीय गुजरात यात्रा में शामिल रहे।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार, 6 मई 2026 को मुंद्रा बंदरगाह, गुजरात में उद्योग जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए भारत के औद्योगिक विकास की अगली लहर के लिए 'दो-तटीय रणनीति' का प्रस्ताव रखा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पूर्वी तट — और विशेष रूप से ओडिशा — देश के आर्थिक विस्तार में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

क्या है 'दो-तटीय रणनीति'

मुख्यमंत्री माझी ने तर्क दिया कि भारत का विकास अब तक मुख्यतः पश्चिमी तट — मुंद्रा, जेएनपीटी और अन्य बड़े बंदरगाहों — के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा है। उन्होंने उद्योग जगत के हितधारकों से आग्रह किया कि वे अपने परिचालन को दोनों तटों पर एकीकृत करें, ताकि पश्चिमी तट की स्थापित ताकत के साथ-साथ पूर्वी तट के उभरते अवसरों का भी लाभ उठाया जा सके।

उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

पर यह देखना होगा कि ये इरादे ज़मीनी रोज़गार और बुनियादी ढाँचे में कितनी तेज़ी से तब्दील होते हैं। पूर्वी तट के विकास की माँग नई नहीं है — वर्षों से इस पर चर्चा होती रही है — लेकिन पश्चिमी तट की तुलना में लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और नीतिगत स्थिरता की खाई अभी भी चौड़ी है। माझी का गुजरात दौरा संकेत देता है कि ओडिशा सीखने और अनुकरण करने की स्थिति में है — लेकिन मुंद्रा जैसा पारिस्थितिकी तंत्र दशकों की निरंतर नीतिगत प्रतिबद्धता का परिणाम है, जो किसी एक घोषणा से नहीं बनता।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM माझी की 'दो-तटीय रणनीति' क्या है?
यह एक प्रस्तावित औद्योगिक नीति दृष्टिकोण है जिसमें भारत के उद्योगों से आग्रह किया गया है कि वे पश्चिमी तट के साथ-साथ पूर्वी तट — विशेषकर ओडिशा — पर भी अपना परिचालन विस्तारित करें। इसका उद्देश्य देश के आर्थिक विकास को भौगोलिक रूप से संतुलित बनाना है।
ओडिशा में कितने निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिली है?
ओडिशा सरकार ने ₹83 लाख करोड़ के 433 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें से ₹28 लाख करोड़ की 148 परियोजनाएँ पहले ही क्रियान्वयन के चरण में आ चुकी हैं।
CM माझी का गुजरात दौरा किसलिए था?
मुख्यमंत्री माझी तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर थे, जिसमें उन्होंने मुंद्रा बंदरगाह, औद्योगिक SEZ, तांबा निर्माण इकाई और सौर-पवन ऊर्जा सुविधाओं का दौरा किया। इस यात्रा का उद्देश्य गुजरात के औद्योगिक मॉडल से सीख लेकर ओडिशा में उसे लागू करने की संभावनाएँ तलाशना था।
पूर्वी तट के विकास में ओडिशा की क्या भूमिका होगी?
CM माझी के अनुसार, ओडिशा पूर्वी तट के औद्योगिक विकास का स्वाभाविक प्रवेश द्वार है। राज्य सरकार का दावा है कि वह आवश्यक नीतिगत समर्थन, बुनियादी ढाँचा और सुविधा-आधारित शासन मॉडल प्रदान करने में सक्षम है।
इस यात्रा में ओडिशा के कौन-से वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे?
CM माझी के नेतृत्व में उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग जगत के हितधारकों से भी मुलाकात की।
राष्ट्र प्रेस
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