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ओडिशा में 45,000 सरकारी नौकरियों के दावे पर बीजेडी का पलटवार, 39,000 पद पटनायक सरकार के कार्यकाल के

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ओडिशा में 45,000 सरकारी नौकरियों के दावे पर बीजेडी का पलटवार, 39,000 पद पटनायक सरकार के कार्यकाल के

सारांश

ओडिशा में 45,000 नौकरियों का दावा असल में कितना खोखला है? बीजेडी के अनुसार, इनमें से 39,000 पद पिछली पटनायक सरकार के विज्ञापनों के हैं — भाजपा की असली उपलब्धि महज 6,000। 94,485 पद अब भी खाली, और 24 भर्ती परीक्षाएँ रद्द — विपक्ष ने रोज़गार संकट को चुनावी मुद्दा बनाने की पूरी तैयारी कर ली है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने दो वर्षों में 45,000 सरकारी पदों पर नियुक्तियाँ कीं।
बीजेडी के अनुसार, इनमें से 39,000 पदों के विज्ञापन 2020–2023 के बीच नवीन पटनायक सरकार ने जारी किए थे।
बीजेडी का दावा है कि भाजपा सरकार ने केवल 6,000 नई सरकारी नियुक्तियाँ की हैं, जबकि चुनावी वादे के अनुसार दो वर्षों में 65,000 होनी चाहिए थीं।
पिछले 24 महीनों में 24 भर्ती परीक्षाएँ रद्द हुईं; जनवरी 2026 तक 94,485 सरकारी पद रिक्त।
बीजेडी का दावा: बेरोज़गारी दर पटनायक काल में 0.9% थी, अब 3.5% हो गई है।

बीजू जनता दल (बीजेडी) ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को ओडिशा की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के उस दावे को चुनौती दी, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा था कि पिछले दो वर्षों में राज्य में 45,000 सरकारी पदों पर नियुक्तियाँ की गई हैं। बीजेडी का आरोप है कि इनमें से 39,000 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सरकार के कार्यकाल में ही — वर्ष 2020 से 2023 के बीच — जारी किए गए थे।

बीजेडी का मुख्य आरोप

बीजेडी के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री माझी का दावा भ्रामक है। उन्होंने ओडिशा विधानसभा में दिए गए एक सरकारी जवाब का हवाला देते हुए तर्क दिया कि 45,000 नियुक्तियों में से केवल 6,000 पद ऐसे हैं, जिनके लिए भर्ती विज्ञापन भाजपा सरकार के कार्यकाल में निकाले गए।

मोहंती ने कहा, 'इसका मतलब है कि भाजपा सरकार ने केवल 6,000 नई सरकारी नियुक्तियाँ की हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि पिछले दो वर्षों में रोज़गार के क्षेत्र में किए गए वादों को सरकार पूरा नहीं कर पाई है।'

चुनावी वादों से कितनी दूर है सरकार

बीजेडी नेता ने याद दिलाया कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में पाँच वर्षों में 1.5 लाख सरकारी नौकरियाँ देने का वादा किया था। आनुपातिक गणना के अनुसार, दो वर्षों में कम-से-कम 65,000 नियुक्तियाँ होनी चाहिए थीं — जबकि बीजेडी के दावे के मुताबिक वास्तविक संख्या केवल 6,000 है। इसके अलावा, भाजपा ने निजी औद्योगिक क्षेत्र में 3.5 लाख युवाओं को रोज़गार दिलाने का भी वादा किया था, जो कथित तौर पर अब तक पूरा नहीं हुआ है।

भर्ती परीक्षाएँ रद्द और रिक्त पद

मोहंती ने आरोप लगाया कि पिछले 24 महीनों में 24 भर्ती परीक्षाएँ रद्द की गई हैं, जो भर्ती प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने में सरकार की अक्षमता को दर्शाता है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 तक राज्य में 94,485 सरकारी पद रिक्त पड़े हुए हैं।

बेरोज़गारी दर पर बीजेडी का दावा

बीजेडी ने यह भी दावा किया कि राज्य में बेरोज़गारी दर नवीन पटनायक सरकार के कार्यकाल में 0.9 प्रतिशत थी, जो भाजपा सरकार के अंतर्गत बढ़कर 3.5 प्रतिशत हो गई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार रोज़गार संकट का समाधान करने के बजाय जनता को गुमराह कर रही है।

आगे क्या

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब ओडिशा में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने वाले हैं और विपक्ष रोज़गार के मुद्दे को राजनीतिक केंद्र में लाने की कोशिश कर रहा है। 94,485 रिक्त पदों को भरने की समयसीमा और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता अब सार्वजनिक बहस के केंद्र में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 नौकरियों का यह आँकड़ा राजनीतिक श्रेय की उस पुरानी लड़ाई की अगली कड़ी है जहाँ एक सरकार की विरासत को दूसरी अपनी उपलब्धि बताती है — और विपक्ष उसे उघाड़ता है। असली सवाल यह नहीं कि विज्ञापन किसने निकाले, बल्कि यह है कि 94,485 रिक्त पद भरने की कोई ठोस समयसीमा क्यों नहीं है। 24 भर्ती परीक्षाओं का रद्द होना महज प्रशासनिक चूक नहीं, यह उन लाखों युवाओं की तैयारी और उम्मीद पर सीधा प्रहार है। बेरोज़गारी दर के आँकड़ों पर दोनों पक्षों के दावे स्वतंत्र सत्यापन की माँग करते हैं — मीडिया और नागरिक समाज को इस पर दबाव बनाए रखना होगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में 45,000 सरकारी नौकरियों के दावे पर विवाद क्यों है?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने दो वर्षों में 45,000 पदों पर नियुक्तियाँ कीं, लेकिन बीजेडी के अनुसार इनमें से 39,000 पदों के भर्ती विज्ञापन पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सरकार ने 2020–2023 के बीच जारी किए थे। बीजेडी का कहना है कि भाजपा की वास्तविक उपलब्धि केवल 6,000 नई नियुक्तियों तक सीमित है।
बीजेडी ने भाजपा के चुनावी वादों पर क्या आरोप लगाए हैं?
बीजेडी नेता लेनिन मोहंती ने कहा कि भाजपा ने पाँच वर्षों में 1.5 लाख सरकारी नौकरियाँ देने का वादा किया था, जिसके अनुसार दो वर्षों में लगभग 65,000 नियुक्तियाँ होनी चाहिए थीं। इसके अलावा निजी क्षेत्र में 3.5 लाख युवाओं को रोज़गार देने का वादा भी अधूरा बताया गया है।
ओडिशा में कितने सरकारी पद अभी भी रिक्त हैं?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 तक ओडिशा में 94,485 सरकारी पद रिक्त हैं। बीजेडी ने इन पदों को भरने में देरी को सरकार की विफलता का प्रमाण बताया है।
पिछले दो वर्षों में कितनी भर्ती परीक्षाएँ रद्द हुईं?
बीजेडी के अनुसार पिछले 24 महीनों में 24 भर्ती परीक्षाएँ रद्द की गई हैं। पार्टी का कहना है कि यह भर्ती प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने में सरकार की अक्षमता को दर्शाता है।
बीजेडी और भाजपा सरकार के कार्यकाल में ओडिशा की बेरोज़गारी दर में क्या अंतर है?
बीजेडी का दावा है कि नवीन पटनायक सरकार के दौरान राज्य की बेरोज़गारी दर 0.9 प्रतिशत थी, जो भाजपा सरकार के कार्यकाल में बढ़कर 3.5 प्रतिशत हो गई है। हालाँकि इन आँकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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