3 अगस्त 2026
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बी. विजयेंद्र का आरोप: सिद्दारमैया ने सरकारी भर्तियों पर जनता को किया गुमराह

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बी. विजयेंद्र का आरोप: सिद्दारमैया ने सरकारी भर्तियों पर जनता को किया गुमराह

सारांश

कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बी. वाई विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर सरकारी भर्तियों की संख्या को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। क्या यह सच है? जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

भर्तियों का आंकड़ा 8,157 है, जबकि मुख्यमंत्री ने 40,000 का दावा किया।
सरकार को भ्रामक जानकारी देने से बचना चाहिए।
बेरोजगार युवाओं को न्याय देने की आवश्यकता है।
भर्ती प्रक्रियाओं में त्वरित कार्रवाई की मांग।
सत्यापन के लिए आधिकारिक आंकड़ों पर ध्यान देना चाहिए।

बेंगलुरु, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष और विधायक बी. वाई विजयेंद्र ने बुधवार को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर राज्य में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी पदों की भर्ती के संबंध में जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

विजयेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार ने विधानसभा में और बाहर विरोधाभासी जानकारी प्रस्तुत की है। विधानसभा में प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा प्रशासन के तीन वर्षों में केवल ८,१५७ सरकारी भर्तियां की गई हैं।

हालांकि, विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि ४०,००० पद भरे गए हैं, जो कि गलत और भ्रामक है।

विजयेंद्र ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार कब तक जनता को गुमराह करती रहेगी और कहा कि ऐसे दावे राज्य के बेरोजगार युवाओं के साथ विश्वासघात हैं।

उन्होंने कहा कि सिद्दारमैया की यह जिम्मेदारी है कि वे जनता को सटीक जानकारी दें। भ्रामक बयान बेरोजगार युवाओं में हताशा और आक्रोश को बढ़ा सकते हैं।

विजयेंद्र ने सरकार से अनुरोध किया कि वे लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को तुरंत पूरा करें और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों की चिंताओं का निवारण करें। साथ ही, झूठे दावों को फैलाना बंद करें और बिना किसी देरी के रिक्त सरकारी पदों को भरकर बेरोजगार युवाओं को न्याय दें।

धारवाड़ में सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने छात्रों से शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का अनुरोध किया और त्वरित भर्ती का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि जब हमने पदभार संभाला, तब २.६४ लाख से अधिक सरकारी पद रिक्त थे। यह भारी रिक्ति रातोंरात नहीं हुई, बल्कि यह पिछली भाजपा सरकार की लंबे समय तक चली निष्क्रियता का परिणाम है, जिसने समय पर भर्तियां शुरू करने या रिक्तियों को भरने के लिए कोई कार्य योजना नहीं बनाई।

मुख्यमंत्री ने कहा, "पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में ४०,००० से अधिक भर्तियां की गई हैं। हम जानते हैं कि कई नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को अपनी मर्जी के खिलाफ देरी के कारण वर्षों तक इंतजार करना पड़ा है। इस कठिनाई को समझते हुए, सरकार ने आगामी भर्तियों के लिए आयु सीमा में पांच वर्ष से अधिक की छूट दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योग्य उम्मीदवारों को व्यवस्थागत देरी के कारण अनुचित रूप से वंचित न किया जाए।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बी. वाई विजयेंद्र ने सिद्दारमैया पर क्या आरोप लगाया?
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्तियों की संख्या को लेकर जनता को गुमराह किया है।
क्या सिद्दारमैया ने 40,000 पदों की भर्ती का दावा किया?
हाँ, सिद्दारमैया ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि 40,000 पद भरे गए हैं, जबकि विजयेंद्र ने इसे गलत बताया।
सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में देरी का कारण क्या है?
विजयेंद्र के अनुसार, पिछली भाजपा सरकार की निष्क्रियता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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