भारत-म्यांमार सीमा पर 23.72 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन की बड़ी बरामदगी

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भारत-म्यांमार सीमा पर 23.72 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन की बड़ी बरामदगी

सारांश

मिजोरम के चम्फाई में सुरक्षा बलों ने 23.72 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन गोलियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई असम राइफल्स और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा एक संवेदनशील क्षेत्र में की गई थी। जानें इस कार्रवाई के बारे में और क्या जानकारी मिली है।

मुख्य बातें

23.72 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद।
संवेदनशील सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों की कार्रवाई।
असम राइफल्स और पुलिस की संयुक्त टीम की सफलता।
तस्करी नेटवर्क पर अंकुश लगाने का प्रयास।
वाहन और नशीले पदार्थों की जब्ती।

चम्फाई, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मिजोरम के चम्फाई जिले में भारत-म्यांमार सीमा के निकट सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत असम राइफल्स और चम्फाई पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन गोलियां जब्त की हैं। इन गोलियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 23.72 करोड़ रुपए आंकी गई है।

अधिकारियों के अनुसार, यह संयुक्त अभियान सीमा क्षेत्र के एक संवेदनशील मार्ग ह्मुनह्मेल्था रोड के निकट चलाया गया। इस क्षेत्र को तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है, जहां से अक्सर अवैध गतिविधियों की सूचनाएं प्राप्त होती हैं। इसी आधार पर सुरक्षाबलों ने गहन तलाशी अभियान प्रारंभ किया।

तलाशी के दौरान टीम को एक संदिग्ध अवस्था में खड़ा लावारिस वाहन मिला। जब सुरक्षा कर्मियों ने वाहन की बारीकी से जांच की, तो उसमें छिपी हुई भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं। कुल 7.907 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया गया, जिसे हाल ही में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी बरामदगी माना जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई मेथामफेटामाइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 23.72 करोड़ रुपए है। यह खेप संभवतः अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के माध्यम से भारत में लाई जा रही थी, जिसे समय पर पकड़ लिया गया।

इस कार्रवाई के दौरान एक वाहन भी जब्त किया गया। हालांकि, वाहन के मालिक या तस्करों के बारे में कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है। सुरक्षाबल इस मामले में आगे की जांच कर रहे हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

बरामद नशीले पदार्थ और जब्त वाहन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए चम्फाई के आबकारी एवं नशीले पदार्थ विभाग को सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सीमा क्षेत्रों में इस प्रकार के अभियान निरंतर जारी रहेंगे, ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि मुखबिर से तस्करी की सूचना पहले ही मिल चुकी थी। तलाशी अभियान चलाकर इसे जब्त किया गया। आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। मेथामफेटामाइन गोलियां को किस दिशा में ले जाया जा रहा था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह मेथामफेटामाइन गोलियां कहां से लाई गई थीं?
यह गोलियां संभवतः अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के माध्यम से भारत में लाई गई थीं।
सुरक्षा बलों ने कितनी मात्रा में मेथामफेटामाइन जब्त की?
कुल 7.907 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियां जब्त की गईं।
यह कार्रवाई कब की गई थी?
यह कार्रवाई 20 मार्च को की गई थी।
क्या वाहन का मालिक मिल गया?
अभी तक वाहन के मालिक या तस्करों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है।
इस कार्रवाई का क्या महत्व है?
यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के प्रयास के तहत की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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