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पंजाब बिजली-पानी संकट: मजीठिया का भगवंत मान पर हमला, 'हर वर्ग को दिया धोखा'

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पंजाब बिजली-पानी संकट: मजीठिया का भगवंत मान पर हमला, 'हर वर्ग को दिया धोखा'

सारांश

धान रोपाई के मौसम में पंजाब में बिजली-पानी का संकट गहराया है। SAD महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने भगवंत मान पर 24 घंटे बिजली के वादे से मुकरने, किसानों की फसल बर्बाद होने और साढ़े चार साल में एक मेडिकल कॉलेज न बनाने के आरोप लगाए।

मुख्य बातें

SAD महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने 28 जून 2026 को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान पर बिजली-पानी संकट को लेकर तीखा हमला बोला।
मजीठिया के अनुसार, 24 घंटे बिजली के वादे के बावजूद किसान जनरेटर से सिंचाई करने पर मजबूर हैं और खड़ी फसल खराब हो रही है।
यूरिया की आपूर्ति भी बाधित होने का आरोप; किसानों के लिए दोहरी मुसीबत।
मुख्यमंत्री के पानी वितरण के दावों के बावजूद नागरिक विरोध-प्रदर्शन जारी रहने की बात कही गई।
मजीठिया ने दावा किया कि साढ़े चार साल में सरकार ने वादा किए गए मेडिकल कॉलेज के लिए 'एक कमरा तक नहीं बनाया।'

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने 28 जून 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार बिजली और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है। मजीठिया के अनुसार, धान की खेती के इस नाज़ुक मौसम में बिजली संकट किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहा है।

मुख्य आरोप: हर वर्ग से विश्वासघात

मजीठिया ने कहा, 'आम आदमी पार्टी की सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है, और भगवंत मान ने हर वर्ग को धोखा दिया है — किसान, युवा, कर्मचारी और उद्योग जगत को।' उन्होंने कहा कि आज पंजाब कर्ज में डूबा है और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उनके अनुसार, एक कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था में खेती का संकट पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था को खतरे में डालता है।

बिजली संकट और किसानों पर असर

मजीठिया के अनुसार, मुख्यमंत्री मान ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था, परंतु ज़मीनी हालात इसके विपरीत हैं। उन्होंने दावा किया कि किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए जनरेटर पर निर्भर होने को मजबूर हैं, जबकि यूरिया की आपूर्ति भी बाधित है। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार में 24 घंटे बिजली मिलती थी और लोग जनरेटर भूल गए थे।' बिजली आपूर्ति न होने से खड़ी फसल खराब होने की आशंका बढ़ रही है, जो किसानों के लिए दोहरी मार है।

पानी विवाद और मुख्यमंत्री के दावों पर सवाल

मजीठिया ने पीने के पानी की आपूर्ति को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मान सार्वजनिक रूप से दावा कर रहे हैं कि पानी वितरण हो रहा है, जबकि नागरिक विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह अंतर सरकार की ज़मीनी विफलता को उजागर करता है। मजीठिया ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पिछले साढ़े चार साल से मेडिकल कॉलेज बनाने का वादा कर रहे हैं, लेकिन अब तक 'एक कमरा तक नहीं बनाया गया।'

राजनीतिक संदर्भ और AAP पर निशाना

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में धान की रोपाई का मौसम चरम पर है और बिजली की माँग अपने उच्चतम स्तर पर है। मजीठिया ने AAP नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे 'नुक्कड़ नाटक' कर रहे हैं, जबकि जनता वास्तविक समस्याओं से जूझ रही है। गौरतलब है कि शिरोमणि अकाली दल पंजाब में मुख्य विपक्षी दलों में से एक है और लंबे समय से AAP सरकार की नीतियों की आलोचना करता रहा है।

आगे क्या

बिजली और पानी संकट को लेकर विपक्ष का दबाव बढ़ने के साथ, पंजाब सरकार पर अब यह स्पष्ट करने की ज़िम्मेदारी है कि धान की खेती के इस महत्वपूर्ण मौसम में किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति कैसे सुनिश्चित की जाएगी। यदि संकट जल्द नहीं सुलझा, तो खरीफ फसल पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन धान रोपाई के मौसम में बिजली संकट की शिकायतें केवल SAD तक सीमित नहीं हैं — यह एक ढाँचागत समस्या है जो हर गर्मी में पंजाब को घेरती है। असली सवाल यह है कि AAP सरकार ने सत्ता में आने के साढ़े चार साल बाद भी बिजली वितरण के बुनियादी ढाँचे में क्या सुधार किया। मेडिकल कॉलेज और 24 घंटे बिजली जैसे वादे अब जाँच के दायरे में हैं, और सरकार को इन दावों का जवाब तथ्यों के साथ देना होगा, न कि प्रति-आरोपों से।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब में बिजली संकट से किसानों को क्या नुकसान हो रहा है?
बिजली आपूर्ति बाधित होने से किसान धान की सिंचाई के लिए जनरेटर पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे लागत बढ़ रही है और खड़ी फसल खराब होने का खतरा है। यूरिया की आपूर्ति भी प्रभावित बताई जा रही है, जो खरीफ सीजन में किसानों के लिए दोहरी मुसीबत है।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने भगवंत मान पर क्या आरोप लगाए?
SAD महासचिव मजीठिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मान ने 24 घंटे बिजली और पानी देने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि साढ़े चार साल में सरकार ने वादा किए गए मेडिकल कॉलेज के लिए एक कमरा तक नहीं बनाया।
AAP सरकार का बिजली-पानी संकट पर क्या रुख है?
मजीठिया के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान दावा कर रहे हैं कि 24 घंटे पानी और बिजली मिल रही है। हालाँकि विपक्ष और नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन इन दावों को चुनौती दे रहे हैं।
शिरोमणि अकाली दल का पंजाब में क्या राजनीतिक रुख है?
शिरोमणि अकाली दल (SAD) पंजाब में प्रमुख विपक्षी दलों में से एक है और AAP सरकार की नीतियों की लगातार आलोचना करता रहा है। मजीठिया पार्टी के महासचिव और एक वरिष्ठ नेता हैं जो किसान और ग्रामीण मुद्दों पर सरकार को घेरते रहे हैं।
पंजाब में गर्मियों में बिजली संकट क्यों बढ़ जाता है?
धान रोपाई के मौसम (जून-जुलाई) में सिंचाई के लिए बिजली की माँग अचानक बढ़ जाती है, जिससे आपूर्ति पर दबाव पड़ता है। यह ढाँचागत समस्या पंजाब में हर वर्ष सामने आती है और इस बार विपक्ष ने इसे सरकारी विफलता के रूप में उठाया है।
राष्ट्र प्रेस
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