सुखबीर बादल: पंजाब में आप सरकार किसानों को आत्महत्या की ओर धकेल रही है
सारांश
Key Takeaways
- सुखबीर बादल ने आप सरकार पर किसानों की मदद न करने का आरोप लगाया।
- किसानों की आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं।
- सरकार ने फसल क्षति का मुआवजा नहीं दिया।
- एक कौशल प्रशिक्षण विश्वविद्यालय की स्थापना की योजना है।
- पंजाब में शिक्षा की स्थिति चिंताजनक है।
चंडीगढ़, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मंगलवार को कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी किसानों को कोई सहायता नहीं दे पा रही है। चाहे वह 22 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का वादा हो या अन्य कोई मुद्दा, किसान हताशा में आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
फरीदकोट जिले के दो भाइयों—जसविंदर और जसकरण—द्वारा लिए गए इस दुखद कदम पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए एसएडी अध्यक्ष ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने बड़े-बड़े वादे किए लेकिन किसानों को कुछ नहीं मिला। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा वादा की गई मूंग दाल भी खरीदी नहीं गई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कपास, मक्का और आलू की बिक्री को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। आप सरकार न केवल फसल क्षति के लिए 50,000 रुपए का मुआवजा देने में असफल रही है, बल्कि पिछले साल की बाढ़ में 4 लाख एकड़ में बर्बाद हुई फसलों के लिए भी कोई मुआवजा नहीं दिया।
पार्टी के पंजाब बचाओ अभियान के तहत मानसा कस्बे में वरिष्ठ नेता प्रेम अरोरा के साथ एक रैली को संबोधित करते हुए एसएडी अध्यक्ष ने कहा कि सरकार केवल विज्ञापनों पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने विज्ञापनों पर 4,400 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जबकि राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार पंजाब स्कूली शिक्षा में 18वें स्थान पर है।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री अपनी बेटी की शिक्षा के लिए सरकारी स्कूलों पर भरोसा नहीं करते, बल्कि सबसे महंगे निजी स्कूल का चुनाव करते हैं।
बादल ने यह भी घोषणा की कि अगली एसएडी सरकार इस क्षेत्र में एक विश्व कौशल प्रशिक्षण विश्वविद्यालय की स्थापना करेगी। इस विश्वविद्यालय में सालाना एक लाख छात्रों का प्रवेश होगा और हर जिले में कौशल केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार योग्य बनाया जा सकेगा।