पंजाब में युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता: मंत्री मोहिंदर भगत बोले, विरोध प्रदर्शन हर समस्या का हल नहीं
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने 7 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को घर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि उन्हें नौकरी की तलाश में विदेश का रुख न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि हर समस्या का समाधान केवल विरोध प्रदर्शन नहीं होता — सरकार व्यवस्थित भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं की जरूरतें पूरी कर रही है।
सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर मंत्री का रुख
मंत्री भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में युवाओं को नियमित रूप से सरकारी नौकरियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी भर्ती एक सतत प्रक्रिया है — जैसे-जैसे कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं, उनकी जगह नई नियुक्तियाँ की जाती हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
कर्मचारियों की महँगाई भत्ते (DA) की माँग पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पंजाब सरकार इस मद में केंद्र सरकार से अधिक भुगतान कर रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि केंद्र सरकार भी इस विषय पर विचार कर रही है।
कनाडा वीजा रद्द मामले पर सरकार की प्रतिक्रिया
कनाडा सरकार द्वारा पंजाब के कुछ छात्रों के वीजा रद्द किए जाने के मामले पर मंत्री भगत ने कहा कि राज्य सरकार विदेश में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों, विशेषकर पंजाबी छात्रों, के साथ पूरी तरह खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले की उचित जाँच करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि दाखिले और यात्रा पर बड़ी रकम खर्च करने के बाद छात्रों के वीजा अचानक रद्द करना या उन्हें वापस भेजना उचित नहीं है। राज्य सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहेगी।
कांग्रेस पर मंत्री का निशाना
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों पर पूछे गए सवाल पर मंत्री भगत ने कहा कि उनकी नजर में कांग्रेस चुनाव से पहले ही हार मान चुकी प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि पार्टी आंतरिक कलह में उलझी हुई है और यह मसला कांग्रेस के हाईकमान को ही सुलझाना होगा।
जीएसआई रिपोर्ट और पोटाश सर्वे पर मंत्री बरिंदर गोयल
पंजाब के मंत्री बरिंदर गोयल ने बताया कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने वर्ष 1992-93 में सर्वे कराया था और अब सरकार ने उससे संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर लिए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि ये रिपोर्टें पंजाब विधानसभा में पेश की जा चुकी हैं और विपक्ष सहित सभी के साथ साझा की जाएंगी।
रिपोर्ट में पोटाश संबंधी जानकारियाँ और इंडियन ऑयल के अधिकारियों के सुझाव भी शामिल हैं। मंत्री गोयल ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि जब विपक्ष सत्ता में था, तब वह इन रिपोर्टों पर कार्रवाई नहीं कर पाया — कम से कम अब इस मुद्दे को सामने लाने के लिए सरकार की सराहना की जानी चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में खनिज संसाधनों और रोजगार सृजन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो रही है। गोयल ने कहा कि लोकतंत्र में महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाकर उन पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि उन्हें दबाया जाए।