7 अगस्त 2026
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पंजाब में AAP सरकार के 68 हजार नौकरियों के दावे पर कांग्रेस का हमला, श्वेत पत्र की माँग

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पंजाब में AAP सरकार के 68 हजार नौकरियों के दावे पर कांग्रेस का हमला, श्वेत पत्र की माँग

सारांश

पंजाब में AAP सरकार के 68 हजार नौकरियों के दावे पर कांग्रेस ने सीधा हमला बोला है — असली सवाल यह है कि इनमें नई नियुक्तियाँ कितनी हैं और सेवानिवृत्ति के बाद भरे गए पद कितने। पेपर लीक के आरोपों के बीच श्वेत पत्र की माँग पंजाब की राजनीति में नया मोर्चा खोल रही है।

मुख्य बातें

कांग्रेस CLP उपनेता अरुणा चौधरी ने 7 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में AAP सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की माँग की।
सरकार के 65 से 68 हजार नौकरियों के दावे पर सवाल — कितनी नई भर्तियाँ, कितने रिक्त पद भरे गए?
कांग्रेस विधायक परगट सिंह के अनुसार पंजाब में हर साल 10 से 12 हजार कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं।
अरुणा चौधरी ने ब्लूटूथ के जरिए प्रश्नपत्र पहुँचाने को स्पष्ट पेपर लीक करार दिया।
कांग्रेस ने माँग की कि प्रत्येक नियुक्ति का विवरण — नाम, पद, जिला — सार्वजनिक किया जाए।

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रिया संबंधी दावों पर कांग्रेस ने 7 अगस्त 2026 को तीखा हमला बोला। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में पंजाब कांग्रेस विधायक दल (CLP) की उपनेता अरुणा चौधरी और अन्य विधायकों ने सरकार से माँग की कि वह 65 से 68 हजार नौकरियों के दावों पर विस्तृत श्वेत पत्र जारी करे, ताकि भर्ती प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके।

नौकरियों के दावों पर सवाल

कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि AAP सरकार केवल आँकड़ों की राजनीति कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के दावे में 68 हजार नई नौकरियों में से कितनी वास्तव में नई नियुक्तियाँ हैं और कितनी पद सेवानिवृत्ति या कर्मचारियों की मृत्यु के बाद रिक्त हुए पदों को भरकर दिखाई जा रही हैं। उनका कहना था कि इन तथ्यों की जानकारी तभी सामने आएगी जब सरकार विस्तृत श्वेत पत्र जारी करेगी।

सेवानिवृत्ति के आँकड़े और पारदर्शिता की माँग

कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि पंजाब में हर साल लगभग 10 से 12 हजार सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पिछले पाँच वर्षों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराने में सक्षम है, लेकिन सरकार से बार-बार माँगने के बावजूद भर्ती की पूरी सूची नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में न पंजाब के लिए काम करने की क्षमता है और न ही इच्छाशक्ति।

पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताएँ

अरुणा चौधरी ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका कहना था कि पेपर लीक और नकल को अलग-अलग बताने की कोशिश की जा रही है, जबकि यदि ब्लूटूथ या अन्य तकनीकी माध्यमों से परीक्षा का प्रश्नपत्र बाहर से अंदर पहुँचता है, तो यह स्पष्ट रूप से पेपर लीक का मामला है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि छात्रों तक ब्लूटूथ के जरिए उत्तर या प्रश्न पहुँच रहे हैं, तो इसका अर्थ है कि परीक्षा सामग्री पहले ही बाहर आ चुकी थी।

कांग्रेस की माँगें और राजनीतिक संदर्भ

अरुणा चौधरी ने सरकार से माँग की कि प्रत्येक नियुक्ति का विवरण — जिसमें उम्मीदवार का नाम, पद, जिला और नियुक्ति की तारीख शामिल हो — सार्वजनिक किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में रोजगार और भर्ती पारदर्शिता एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। गौरतलब है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा भाजपा नेता बताए जाने के सवाल पर राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह उनके भी पसंदीदा नेता हैं और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर 'यूज एंड थ्रो' की राजनीति का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायकों ने सरकार से जल्द से जल्द श्वेत पत्र जारी करने की माँग दोहराई, ताकि भर्ती प्रक्रिया की सच्चाई जनता के सामने आ सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो पाँच वर्षों में 50 से 60 हजार पद तो स्वाभाविक रूप से भरे जाने थे; उन्हें 'नई नौकरियाँ' बताना सांख्यिकीय भ्रम है। असली परीक्षा यह है कि AAP सरकार श्वेत पत्र जारी करने से क्यों बच रही है — पारदर्शिता से डर किसे होता है, यह खुद एक जवाब है। पेपर लीक को 'नकल' कहकर परिभाषित करने की कोशिश भी संदेह को और गहरा करती है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब में कांग्रेस ने AAP सरकार से श्वेत पत्र क्यों माँगा?
कांग्रेस का आरोप है कि AAP सरकार के 65 से 68 हजार नौकरियों के दावे में नई भर्तियाँ और सेवानिवृत्ति के बाद भरे गए रिक्त पद मिले-जुले हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने माँग की है कि सरकार प्रत्येक नियुक्ति का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करे।
पंजाब में सरकारी भर्ती के दावों पर क्या विवाद है?
कांग्रेस विधायक परगट सिंह के अनुसार पंजाब में हर साल लगभग 10 से 12 हजार कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं। ऐसे में पाँच वर्षों में बड़ी संख्या में पद स्वाभाविक रूप से भरे जाते हैं और इन्हें नई नौकरियों में गिनना भ्रामक हो सकता है।
पंजाब में पेपर लीक पर कांग्रेस का क्या कहना है?
CLP उपनेता अरुणा चौधरी ने कहा कि यदि ब्लूटूथ या अन्य तकनीकी माध्यमों से परीक्षा का प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुँचता है, तो यह स्पष्ट रूप से पेपर लीक है, न कि केवल नकल। उन्होंने सरकार पर इसे कमतर बताने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने श्वेत पत्र में क्या जानकारी माँगी है?
कांग्रेस ने माँग की है कि प्रत्येक नियुक्ति में उम्मीदवार का नाम, पद, जिला और नियुक्ति की तारीख सार्वजनिक की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि कितनी भर्तियाँ नई हैं और कितनी सेवानिवृत्ति या मृत्यु के बाद रिक्त पदों को भरकर की गई हैं।
राहुल गांधी और कैप्टन अमरिंदर सिंह पर कांग्रेस विधायक ने क्या कहा?
राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह उनके भी पसंदीदा नेता हैं और राहुल गांधी ने उनकी बीमारी के दौरान हालचाल पूछा था, जबकि BJP ने नहीं किया। उन्होंने BJP पर 'यूज एंड थ्रो' की राजनीति का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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