पंजाब में AAP सरकार के 68 हजार नौकरियों के दावे पर कांग्रेस का हमला, श्वेत पत्र की माँग
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रिया संबंधी दावों पर कांग्रेस ने 7 अगस्त 2026 को तीखा हमला बोला। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में पंजाब कांग्रेस विधायक दल (CLP) की उपनेता अरुणा चौधरी और अन्य विधायकों ने सरकार से माँग की कि वह 65 से 68 हजार नौकरियों के दावों पर विस्तृत श्वेत पत्र जारी करे, ताकि भर्ती प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके।
नौकरियों के दावों पर सवाल
कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि AAP सरकार केवल आँकड़ों की राजनीति कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के दावे में 68 हजार नई नौकरियों में से कितनी वास्तव में नई नियुक्तियाँ हैं और कितनी पद सेवानिवृत्ति या कर्मचारियों की मृत्यु के बाद रिक्त हुए पदों को भरकर दिखाई जा रही हैं। उनका कहना था कि इन तथ्यों की जानकारी तभी सामने आएगी जब सरकार विस्तृत श्वेत पत्र जारी करेगी।
सेवानिवृत्ति के आँकड़े और पारदर्शिता की माँग
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि पंजाब में हर साल लगभग 10 से 12 हजार सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पिछले पाँच वर्षों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराने में सक्षम है, लेकिन सरकार से बार-बार माँगने के बावजूद भर्ती की पूरी सूची नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में न पंजाब के लिए काम करने की क्षमता है और न ही इच्छाशक्ति।
पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताएँ
अरुणा चौधरी ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका कहना था कि पेपर लीक और नकल को अलग-अलग बताने की कोशिश की जा रही है, जबकि यदि ब्लूटूथ या अन्य तकनीकी माध्यमों से परीक्षा का प्रश्नपत्र बाहर से अंदर पहुँचता है, तो यह स्पष्ट रूप से पेपर लीक का मामला है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि छात्रों तक ब्लूटूथ के जरिए उत्तर या प्रश्न पहुँच रहे हैं, तो इसका अर्थ है कि परीक्षा सामग्री पहले ही बाहर आ चुकी थी।
कांग्रेस की माँगें और राजनीतिक संदर्भ
अरुणा चौधरी ने सरकार से माँग की कि प्रत्येक नियुक्ति का विवरण — जिसमें उम्मीदवार का नाम, पद, जिला और नियुक्ति की तारीख शामिल हो — सार्वजनिक किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में रोजगार और भर्ती पारदर्शिता एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। गौरतलब है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा भाजपा नेता बताए जाने के सवाल पर राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह उनके भी पसंदीदा नेता हैं और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर 'यूज एंड थ्रो' की राजनीति का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायकों ने सरकार से जल्द से जल्द श्वेत पत्र जारी करने की माँग दोहराई, ताकि भर्ती प्रक्रिया की सच्चाई जनता के सामने आ सके।