पाकिस्तान में ईंधन मूल्यवृद्धि के बाद परिवहन किराया 20% बढ़ा, पेट्रोल पंप मालिकों ने हड़ताल की दी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान सरकार द्वारा शुक्रवार, 18 जुलाई को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल के दाम बढ़ाए जाने के तत्काल बाद रावलपिंडी और इस्लामाबाद में सार्वजनिक परिवहन किराए 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं। माल ढुलाई शुल्क में भी 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है, जबकि पेट्रोल पंप संचालकों ने ईंधन मूल्य निर्धारण की नई दैनिक नीति के विरोध में देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है।
ईंधन कीमतों में कितनी हुई बढ़ोतरी
पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 5.44 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत में 31.05 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की। इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 316.15 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और डीजल 354.35 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गया है। सरकार के अनुसार यह बढ़ोतरी 20 जुलाई तक लागू रहेगी।
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के कारण पश्चिम एशिया में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें और आयात लागत बढ़ी हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह से अब ईंधन की कीमतें रोज़ाना तय की जाएंगी।
परिवहन किराए पर सीधा असर
रावलपिंडी और इस्लामाबाद में सार्वजनिक परिवहन का न्यूनतम स्टॉप-टू-स्टॉप किराया बढ़ाकर 60 पाकिस्तानी रुपये कर दिया गया है। परिवहन संचालकों के अनुसार, रावलपिंडी जिले में अंतर-शहरी बस किराए में 15 प्रतिशत, जिले के भीतरी रूटों पर 17 प्रतिशत और रावलपिंडी-इस्लामाबाद मार्ग पर 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी लागू की गई है। लंबी दूरी की बस सेवाओं के किराए में भी 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और छात्रों के लिए चलने वाली पिक एंड ड्रॉप सेवाओं ने भी घोषणा की है कि ईंधन दरों में हर बदलाव के साथ उनके शुल्क स्वतः बदलेंगे। परिवहन संगठनों ने यह नीति स्थायी रूप से अपनाने का संकेत दिया है।
माल ढुलाई पर बोझ
लंबी दूरी के मालवाहक परिवहन पर भी बड़ा असर पड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, कराची से पेशावर के बीच कंटेनर, ट्रेलर और बड़े मालवाहक वाहनों का भाड़ा बढ़कर करीब आठ लाख पाकिस्तानी रुपये हो गया है। माल ढुलाई में 20 प्रतिशत तक की यह बढ़ोतरी उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर भी असर डाल सकती है।
पेट्रोल पंप संचालकों का विरोध
ईंधन की कीमतों में बार-बार और तेज़ बदलाव की नई सरकारी नीति से पेट्रोल पंप संचालक भी नाराज़ हैं। उन्होंने इस नीति के विरोध में देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। संचालकों का तर्क है कि रोज़ाना मूल्य बदलाव से उनके व्यवसाय में अनिश्चितता बढ़ती है और स्टॉक प्रबंधन जटिल हो जाता है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक दबाव में है और आम जनता पर महंगाई की मार पड़ रही है। गौरतलब है कि ईंधन की दैनिक मूल्य निर्धारण नीति पाकिस्तान के लिए नई है और इसके दीर्घकालिक प्रभाव परिवहन, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला और उपभोक्ता कीमतों पर पड़ सकते हैं। पेट्रोल पंप संचालकों की हड़ताल अगर हुई तो ईंधन आपूर्ति में व्यवधान की आशंका भी बढ़ जाएगी।