पाकिस्तान में डीजल ₹5.71 महंगा, पेट्रोल 35 पैसे सस्ता; रोज़ाना कीमत तय करने की नई नीति लागू
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान की केंद्र सरकार ने 21 जुलाई 2026 को हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत में 5.71 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की, जबकि पेट्रोल की कीमत में 35 पैसे प्रति लीटर की मामूली कटौती का ऐलान किया। इस फैसले के बाद इस्लामाबाद में HSD की नई कीमत 360.06 PKR प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत 315.80 PKR प्रति लीटर हो गई है।
रोज़ाना कीमत तय करने की नई नीति
पाकिस्तान सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में आए उतार-चढ़ाव को देखते हुए ईंधन की कीमतें रोज़ाना तय करने का फैसला किया है। यह नई व्यवस्था वैश्विक बाज़ार के सात दिवसीय औसत पर आधारित होगी।
ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) अब अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रतिदिन पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें अपडेट करेगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अंतरराष्ट्रीय कीमतों का सीधा असर उपभोक्ताओं तक पहुँचे। गौरतलब है कि यह नीति पाकिस्तान के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है।
ट्रांसपोर्ट किराए पर असर
17 जुलाई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाए जाने के तुरंत बाद रावलपिंडी और इस्लामाबाद में परिवहन ऑपरेटरों ने किराए में बदलाव कर दिया। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के किराए में 15 से 17 फीसदी और माल ढुलाई के चार्ज में 20 फीसदी तक की वृद्धि की गई।
रावलपिंडी और इस्लामाबाद में न्यूनतम स्टॉप-टू-स्टॉप किराया बढ़ाकर 60 PKR कर दिया गया है। इंटरसिटी रूटों पर 15 फीसदी, इंट्रा-डिस्ट्रिक्ट रूटों पर 17 फीसदी और रावलपिंडी-इस्लामाबाद के बीच चलने वाली सेवाओं पर 20 फीसदी किराया वृद्धि दर्ज की गई है।
माल ढुलाई और लंबी दूरी के भाड़े पर बोझ
लंबी दूरी के ट्रांसपोर्टरों ने भी अपने टैरिफ बढ़ा दिए हैं। कराची और पेशावर के बीच कंटेनर, ट्रेलर और व्हीलर ट्रांसपोर्ट का फ्रेट चार्ज कथित तौर पर बढ़कर 8 लाख PKR हो गया है। दफ्तर जाने वालों और विद्यार्थियों के लिए पिक-एंड-ड्रॉप सेवाओं ने भी घोषणा की है कि ईंधन की कीमतों में बदलाव के अनुसार उनके चार्ज स्वतः बदलेंगे।
पेट्रोल पंप ऑपरेटरों की हड़ताल की चेतावनी
सरकार की रोज़ाना कीमत बदलने की नीति से पेट्रोल पंप ऑपरेटर नाराज़ हैं। पिछले सप्ताह देशभर के पंप ऑपरेटरों ने इस नीति के विरोध में हड़ताल की धमकी दी थी। ऑपरेटरों का तर्क है कि बार-बार और अप्रत्याशित कीमत बदलाव से उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही उच्च मुद्रास्फीति और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जब भी ईंधन की कीमतों में बदलाव होगा, किराए में भी तत्काल संशोधन किया जाएगा — जिससे आम नागरिकों पर महंगाई का बोझ और बढ़ने की आशंका है। OGRA की दैनिक मूल्य अपडेट व्यवस्था से पारदर्शिता तो बढ़ेगी, लेकिन बाज़ार में स्थिरता का सवाल अभी भी बना हुआ है।