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क्या 2025 में आम आदमी को टैक्स में राहत मिलेगी? इनकम टैक्स छूट, जीएसटी सुधार और वार्षिक टोल पास के फैसलों से समझिए

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क्या 2025 में आम आदमी को टैक्स में राहत मिलेगी? इनकम टैक्स छूट, जीएसटी सुधार और वार्षिक टोल पास के फैसलों से समझिए

सारांश

2025 के बजट में केंद्र सरकार ने आम आदमी के लिए टैक्स में राहत के कई महत्वपूर्ण उपाय किए हैं। इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई गई है और जीएसटी में सुधार किया गया है। जानें कैसे इन फैसलों से आम लोगों को लाभ होगा।

मुख्य बातें

इनकम टैक्स छूट सीमा 7 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपए की गई।
जीएसटी स्लैब को 4 से घटाकर 2 किया गया।
453 वस्तुओं की जीएसटी दर में बदलाव हुआ।
वार्षिक टोल पास की कीमत 3,000 रुपए है।
आर्थिक विकास दर 8.2 प्रतिशत तक पहुँच गई है।

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। इस वर्ष केंद्र सरकार ने आम आदमी पर टैक्स का बोझ कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें इनकम टैक्स में कटौती, जीएसटी सुधार और वार्षिक टोल पास जैसे निर्णय शामिल हैं।

केंद्र सरकार ने आम बजट 2025 में इनकम टैक्स की नई प्रणाली के तहत छूट की सीमा को 7 लाख रुपए से बढ़ाकर 12 लाख रुपए करने की घोषणा की। यदि हम स्टैंडर्ड डिडक्शन की 75,000 रुपए की छूट को भी जोड़ते हैं, तो यह कुल मिलाकर 12.75 लाख रुपए हो जाती है।

इसका मतलब है कि कोई भी नौकरीपेशा व्यक्ति 12.75 लाख रुपए तक की आय पर इनकम टैक्स छूट का दावा कर सकता है। स्टैंडर्ड डिडक्शन की सुविधा केवल नौकरी पेशा व्यक्तियों के लिए लागू है।

सरकार की ओर से इस वर्ष दी गई दूसरी महत्वपूर्ण राहत जीएसटी 2.0 है। इसके अंतर्गत जीएसटी स्लैब को चार - 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत से घटाकर दो - 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत कर दिया गया है। लग्जरी और सिन गुड्स पर जीएसटी की दर 40 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

नई जीएसटी दरें लागू होने के बाद 453 वस्तुओं की जीएसटी दर में बदलाव हुआ, जिनमें से 413 वस्तुओं की दरों में कमी आई। लगभग 295 आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत/शून्य हो गई है।

इसमें 1,200 सीसी या उससे कम की पेट्रोल कारों और 1,500 सीसी या उससे कम की डीजल कारों पर जीएसटी की दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। इसके साथ ही, 350 सीसी या उससे कम की बाइकों पर जीएसटी दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। लग्जरी गाड़ियों और बाइकों पर 40 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। इसके अलावा, गाड़ियों पर सेस को समाप्त कर दिया गया है।

इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक विकास दर को बढ़ाना है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में देश की वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही है, जो पिछले कई तिमाहियों में सबसे तेज वृद्धि दर है।

2025 में आम जनता पर टोल टैक्स के बोझ को कम करने के लिए सरकार ने एक एनुअल पास का ऐलान किया है, जिसे 15 अगस्त से लागू किया गया है। इसके अंतर्गत फास्टैग वार्षिक पास वाहन चालकों को सरकार द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इसकी कीमत 3,000 रुपए है। इससे कोई भी वाहन चालक 200 टोल प्लाजा पार कर सकता है। इससे एक टोल प्लाजा पार करने की कीमत घटकर मात्र 15 रुपए रह जाती है। इस निर्णय से राजमार्गों पर यात्रा करना पहले की तुलना में काफी सस्ता हो गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम यह समझते हैं कि सरकार के द्वारा उठाए गए ये कदम देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन उपायों का उद्देश्य आम लोगों को राहत प्रदान करना और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इनकम टैक्स की छूट की सीमा बढ़ाई गई है?
हाँ, इनकम टैक्स की छूट की सीमा 7 लाख से बढ़कर 12 लाख रुपए कर दी गई है।
नई जीएसटी दरों का क्या प्रभाव पड़ेगा?
नई जीएसटी दरों से 453 वस्तुओं की दरों में बदलाव हुआ है, ज्यादातर आवश्यक वस्तुओं पर दरें कम की गई हैं।
वार्षिक टोल पास की कीमत क्या है?
वार्षिक टोल पास की कीमत 3,000 रुपए है, जिससे वाहन चालक 200 टोल प्लाजा पार कर सकते हैं।
क्या स्टैंडर्ड डिडक्शन सभी के लिए है?
नहीं, स्टैंडर्ड डिडक्शन की छूट केवल नौकरी पेशा व्यक्तियों के लिए उपलब्ध है।
क्या इन सुधारों से आर्थिक विकास में मदद मिलेगी?
हाँ, इन सुधारों का उद्देश्य देश की आर्थिक विकास दर को बढ़ाना है।
राष्ट्र प्रेस
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