रांची छात्र आंदोलन: रैपर सूरज टायलन ने किया समर्थन, झारखंड CM से बोले — 'वोट देंगे, सही भविष्य दो'
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में 8 अगस्त को पेपर लीक और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए जाने-माने रैपर सूरज टायलन रांची पहुंचे और खुलकर छात्रों के पक्ष में आवाज़ उठाई। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता होना हर युवा का हक है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह प्रदर्शन नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शुरू किया था, जिसे बाद में प्रेमनायक ने आगे बढ़ाया। छात्रों की प्रमुख मांगों में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना और भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाना शामिल है। सूरज टायलन ने बताया कि उन्हें इस आंदोलन की जानकारी सोशल मीडिया के ज़रिए मिली, जब वे वाराणसी में थे।
सूरज टायलन का बयान
सूरज टायलन ने कहा, 'झारखंड में जो प्रोटेस्ट चल रहा है — हमारे छात्र जो मांग कर रहे हैं, जैसे कि JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना चाहिए, एग्जाम-रिजल्ट में ट्रांसपेरेंसी आनी चाहिए — इन सभी मांगों को लेकर मैं यहाँ आया हूँ।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी अपनी पढ़ाई के दौरान भी पेपर लीक होते थे, लेकिन तब उनमें इस समस्या को समझने की समझ नहीं थी।
उन्होंने अपने रांची आने की वजह व्यक्तिगत भी बताई — 'मेरा भाई सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है। अगर मैं अब नहीं आया, तो मैं उसके साथ अन्याय करूंगा। मेरा सहयोग ऐसी चीज़ों में होना ज़रूरी है जिससे उसका भविष्य खराब न हो।'
रैप के ज़रिए उठाई आवाज़
सूरज टायलन ने झारखंड की शिक्षा व्यवस्था पर तंज कसते हुए एक रैप भी सुनाया — 'क्या लगता है, झारखंड में सब ठीक हो रहा है, एजुकेशन सिस्टम चीप हो रहा है और नेता क्रिप हो रहा है। ढंग से एग्जाम देकर घर भी नहीं पहुंचे और देखा कि पेपर लीक हो रहा है।' यह पंक्तियाँ प्रदर्शनकारी छात्रों में खासी चर्चा का विषय बनीं।
मुख्यमंत्री से अपील
रैपर ने झारखंड के मुख्यमंत्री से सीधी अपील करते हुए कहा, 'सर, आप हमारे अपने हो। अगर आप हमारे बारे में नहीं सोचेंगे तो कौन सोचेगा। झारखंड हमारी माटी, आप हमारे अपने हैं। हम युवा आपके भविष्य हैं और आपके हाथों में हमारा भविष्य है। हम आपको वोट देंगे, आप हमको सही भविष्य दें।' उन्होंने यह भी माँग की कि जो लोग नौकरियाँ बेच रहे हैं, उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए और छात्रों की मांगें पूरी की जाएं।
आगे क्या
यह आंदोलन झारखंड में युवाओं के बढ़ते असंतोष का प्रतीक बनता जा रहा है। किसी सार्वजनिक हस्ती का इस तरह खुलकर समर्थन करना इस मुद्दे को राज्य की राजनीति में और अधिक प्रासंगिक बना सकता है। अब सभी की नज़रें झारखंड सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।