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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा माँगा सपकाल ने, महाराष्ट्र पेपर लीक पर सरकार को घेरा

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा माँगा सपकाल ने, महाराष्ट्र पेपर लीक पर सरकार को घेरा

सारांश

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा माँगा और राज्य में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर देवेंद्र फडणवीस सरकार को आड़े हाथों लिया। MPSC अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा माँगा।
दो चुनाव आयुक्तों के पत्रों में उठाई गई आपत्तियों की निष्पक्ष जाँच की माँग की गई।
महाराष्ट्र में लगातार पेपर लीक की घटनाओं पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
MPSC अध्यक्ष की नियुक्ति पर सवाल — आरोप है कि नियुक्त व्यक्ति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी हैं।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि वह MPSC के ज़रिए किसी भी संभावित भ्रष्टाचार को सफल नहीं होने देगी।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पुणे में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटने की माँग की और एक साथ महाराष्ट्र सरकार को राज्य में लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों पर कठघरे में खड़ा किया। सपकाल ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी लोकतंत्र की बुनियाद को कमज़ोर करती है और इस पर तत्काल कार्रवाई अनिवार्य है।

चुनाव आयुक्त पर इस्तीफे की माँग क्यों

सपकाल ने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों द्वारा लिखे गए पत्रों में जो तथ्य सामने आए हैं, उनकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। उनके अनुसार, इन पत्रों में उठाई गई आपत्तियाँ गंभीर हैं और इन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लंबे समय से वोट चोरी का मुद्दा उठाते रहे हैं और ऐसे में ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए।

यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना पहले से तेज़ है। सपकाल ने स्पष्ट किया कि देश में होने वाले चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए और इसमें किसी भी तरह की धाँधली बेहद गंभीर विषय है।

महाराष्ट्र में पेपर लीक पर सरकार को घेरा

महाराष्ट्र में परीक्षाओं में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर सपकाल ने राज्य सरकार को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आने के बावजूद महाराष्ट्र सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए तैयार नहीं दिख रही। उनके अनुसार, यह बड़ी धाँधली का विषय है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हाल के वर्षों में कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप लगते रहे हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित हुआ है।

एमपीएससी की निष्पक्षता पर सवाल

सपकाल ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि नियुक्त व्यक्ति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी और पारिवारिक मित्र हैं, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता संदिग्ध हो जाती है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में MPSC के ज़रिए चुनिंदा लोगों को फायदा पहुँचाने और भ्रष्टाचार की कोशिश हो सकती है। सपकाल ने कहा कि कांग्रेस किसी भी स्थिति में इसे सफल नहीं होने देगी।

युवाओं में जागरूकता और कांग्रेस का रुख

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं को लगातार उठाए जाने के बाद युवाओं के बीच एक नई चेतना देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर खड़ी है।

सपकाल ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की माँग दोहराते हुए कहा कि इस दिशा में तत्काल कदम उठाना ज़रूरी है। आलोचकों का कहना है कि जब तक ठोस संस्थागत सुधार नहीं होते, तब तक पेपर लीक की समस्या बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक बड़ा सवाल है — क्या चुनाव आयोग की संस्थागत विश्वसनीयता वाकई दाँव पर है? दो चुनाव आयुक्तों के पत्रों का सार्वजनिक होना असाधारण है और इसे महज विपक्षी राजनीति कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। MPSC नियुक्ति का मामला अलग लेकिन उतना ही संवेदनशील है — यदि आरोप सही हैं, तो लाखों युवाओं की भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सीधा असर पड़ता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन दोनों मुद्दों को अलग-अलग देखती है, जबकि दोनों मिलकर एक बड़े संस्थागत संकट की तस्वीर बनाते हैं जिस पर सत्ता पक्ष को जवाब देना होगा।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हर्षवर्धन सपकाल ने ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँगा?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों के पत्रों में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियाँ सामने आई हैं, जिनकी जाँच ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
महाराष्ट्र में पेपर लीक का मामला क्या है?
महाराष्ट्र में हाल के वर्षों में कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं। सपकाल का आरोप है कि सच्चाई उजागर होने के बावजूद राज्य सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए तैयार नहीं है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
MPSC अध्यक्ष की नियुक्ति पर विवाद क्यों है?
कांग्रेस का आरोप है कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के नए अध्यक्ष मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी और पारिवारिक मित्र हैं। सपकाल ने आशंका जताई कि इससे चयन प्रक्रिया में पक्षपात और भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ती है।
इस मामले में राहुल गांधी की क्या भूमिका है?
सपकाल ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लंबे समय से वोट चोरी और पेपर लीक के मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर उठाते रहे हैं। उनके इस अभियान के बाद युवाओं और छात्रों में एक नई जागरूकता देखने को मिल रही है।
कांग्रेस आगे क्या कदम उठाएगी?
सपकाल ने कहा कि कांग्रेस स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर सक्रिय रहेगी और MPSC के ज़रिए किसी भी संभावित भ्रष्टाचार को सफल नहीं होने देगी। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की माँग को लेकर पार्टी दबाव बनाए रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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